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गलवान घाटी में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू को मिला महावीर चक्र

अपने साथी जवानों के साथ गलवान घाटी में चीन को मुंहतोड़ जवाब देने वाले शहीद कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से नवाजा गया है.

शहीद कर्नल संतोष बाबू का होगा सम्मान (फाइल) शहीद कर्नल संतोष बाबू का होगा सम्मान (फाइल)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गणतंत्र दिवस के मौके पर जवानों का सम्मान
  • शहीद कर्नल संतोष बाबू को मिला महावीर चक्र

लद्दाख की गलवान घाटी में बीते वर्ष चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू को इस साल महावीर चक्र मिला है. गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल वीरता पुरस्कारों का ऐलान होता है, ऐसे में इस बार ये पुरस्कार कर्नल संतोष बाबू को मरणोपरांत दिया गया है. बता दें कि परमवीर चक्र के बाद महावीर चक्र ही सेना में सबसे बड़ा सम्मान है.

भारतीय सेना की ओर से इस बार लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल से लेकर लाइन ऑफ कंट्रोल तक कई ऑपरेशन में शामिल हुए जवानों को सम्मानित करने की सिफारिश की गई है. ऐसे में गणतंत्र दिवस के इस खास अवसर पर देश के जवानों का सम्मान कर उनका हौंसला बढ़ाने की एक कोशिश की जा रही है.

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बीते साल से जारी है चीन संग तनाव
आपको बता दें कि 2020 में अप्रैल महीने से ही लद्दाख में चीन के साथ भारत का तनाव जारी है. जून के महीने में इस तनाव ने हाथापाई, हिंसा का रूप ले लिया. जून में लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसा में भारतीय सेना के करीब 20 जवान शहीद हो गए थे.

तब कर्नल संतोष बाबू ही यहां के कमांडिंग ऑफिसर थे. चीनी सेना से 16 बिहार रेजिमेंट के जवान भिड़ गए थे, चीनी सेना के जवानों को भारतीय जमीन में घुसने से रोका और वापस खदेड़ दिया था. कई दशकों के बीच भारत और चीन के बीच सीमा पर इस तरह की हिंसा हुई और जवानों की जान गई.

पिछले साल अप्रैल से शुरू हुआ विवाद आज तक जारी है. 25 जनवरी को ही ये बात सामने आई कि तीन दिन पहले ही चीन और भारतीय सेनाओं के जवानों के बीच एक और झड़प सिक्किम सीमा के पास हुई, जहां पर चीन ने घुसपैठ की कोशिश की और भारत के जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया.  

 

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