सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए सेंट्रल विस्टा परियोजना को मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने पर्यावरण मंजूरी और भूमि उपयोग में बदलाव की अधिसूचना को बरकरार रखा है. इसी के साथ नए संसद भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है.
इस पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मैं फैसले का स्वागत करता हूं. उन्होंने आगे कहा कि हमेशा से पर्यावरण संबंधी चिंताओं को लेकर सरकार संवेदनशील रही है. साथ ही सेंट्रल विस्टा परियोजना में निर्माण कार्य के दौरान सर्वोच्च मानकों का पालन किया जाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली विश्वस्तरीय राजधानी बनने की राह पर है. पूरी कहा कि यह एक बहुत बड़ा विकास है. यह अगले 200 वर्षों के लिए इमारत होगी. बाकी सभी कार्य आजादी के 75 वें वर्ष से पहले किए जाएंगे, जहां संसद नए भवन में बुलाई जाएगी. हम अच्छे इरादे के साथ और पूरी तरह से नियमों के अनुरूप काम करते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास बहुत जल्द एक वेबसाइट होगी जो एक पारदर्शी और ओपन प्रक्रिया है. हमने पहले ही स्मॉग टावरों पर काम शुरू कर दिया है. सलाहकारों ने भी इस पर काम शुरू कर दिया है. यह एक वैनिटी प्रोजेक्ट नहीं है, यह एक पोस्टर प्रोजेक्ट है.
विपक्ष पर हमला करते हुए पुरी ने कहा कि मुझे आश्चर्य हो रहा है कि ये लोग वैक्सीन पर अपनी राजनीतिक जिद सुनिश्चित कर रहे हैं. जबकि वैज्ञानिक समझा रहे हैं कि यह आपातकालीन उपयोग के लिए है.
वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है. नैदानिक परीक्षण हुए हैं. आप जानते हैं कि एफडीए और अन्य लोग ड्रग्स को मंजूरी देने में कितना समय लेते हैं? कभी-कभी 10 साल लग जाते हैं. क्या आप तब तक इंतजार करना चाहते हैं जब तक महामारी ने कुल अराजकता पैदा नहीं कर दी हो? यदि आपको कोई समस्या थी, तो आपने पहले क्यों नहीं कहा? यह एक प्रोजेक्ट है जिसमें 5-6 साल लगेंगे. ये कोई नहीं कह रहा है कि यह वैक्सीन की कीमत पर होगा. यह प्रोजेक्ट सालों पहले शुरू हुआ था.