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BARC के ऑर्डर पर बॉम्बे हाईकोर्ट का स्टे, इंडिया टुडे ग्रुप का आधिकारिक बयान

इंडिया टुडे स्पष्ट करना चाहता है कि बीएआरसी के खिलाफ इंडिया टुडे के मुकदमे का हंसा की रिपोर्ट से कोई सरोकार नहीं है. इसी तरह, हंसा की रिपोर्ट में इंडिया टुडे के नाम के जिक्र के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है. हमें इस तरह की कोई सूचना नहीं मिली है और ना ही बीएआरसी ने इस रिपोर्ट के बारे में हमें बताया है.

इंडिया टुडे ग्रुप ने जारी किया अपना आधिकारिक बयान इंडिया टुडे ग्रुप ने जारी किया अपना आधिकारिक बयान

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मीडिया के कुछ वर्ग बीएआरसी के खिलाफ टीवी टुडे के बॉम्बे हाईकोर्ट में दस्तक देने की वजहों की भ्रामक रिपोर्टिंग कर रहे हैं. टीवी टुडे की याचिका में बीएआरसी की अनुशासन समिति द्वारा पारित आदेश को चुनौती इस आधार पर दी गई है कि यह आदेश अन्य बातों के अलावा यथोचित कोरम और सबूत के बिना दिया गया था. कोर्ट ने समिति के ऑर्डर पर स्टे लगाते हुए निर्देश दिया कि अदालत में (बीएआरसी में नहीं) पांच लाख रुपये जमा कराने के बाद कोई जबरन कार्रवाई नहीं की जा सकती और हमारे अधिकारों के प्रति पूर्वाग्रह के बिना ऐसी कार्रवाई नहीं हो सकती.

इंडिया टुडे स्पष्ट करना चाहता है कि बीएआरसी के खिलाफ इंडिया टुडे के मुकदमे का हंसा की रिपोर्ट से कोई सरोकार नहीं है. इसी तरह, हंसा की रिपोर्ट में इंडिया टुडे के नाम के जिक्र के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है. हमें इस तरह की कोई सूचना नहीं मिली है और ना ही बीएआरसी ने इस रिपोर्ट के बारे में हमें बताया है.

इंडिया टुडे ग्रुप का आधिकारिक बयान


हकीकत तो यह है कि हंसा ने रिपब्लिक टीवी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसमें उसने कहा है कि हंसा आर टीवी पर दिखाए जा रहे दस्तावेज की पुष्टि नहीं कर सकती और आर टीवी द्वारा प्रसारित रिपोर्ट अनधिकृत और अवैध है. उसमें यह भी कहा गया है- ''आर टीवी खुद को पुलिस जांच से अलग करने के लिए हंसा की मर्जी और इजाजत के बगैर उस दस्तावेज का इस्तेमाल कर रहा है जिसे वह हंसा की रिपोर्ट बता रहा है.''

 

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