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प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को प्रेसिडेंट ऑफ भारत कहना संवैधानिक है?

देश को इंडिया कहें या भारत, क्या है सही, वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की घोषणा जो आज हुई, वह दुरुस्त भी है या नहीं, 2 महीने में कैसे बदली बिहार की शिक्षा, आखिर में बात ग्रीस, साइप्रस और इजरायल के बीच होने वाले त्रिपक्षीय समिट की, क्या भारत लेगा अमेरिका की जगह?

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din bhar
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एक निमंत्रण पत्र की तस्वीर आज व्हाट्सएप पर आई. जिस पर राजनीतिक रस्साकसी बहुत पहले ही शुरू हो चुकी थी. 9 और 10 सितंबर को होने वाले G20 कार्यक्रम से सम्बंधित इनविटेशन कार्ड को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से सभी फॉरन डेलीगेट्स को भेजा गया था. पत्र के सबसे ऊपर 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखा हुआ था जो बहुतों को नागवार गुज़रा. क्योंकि आम तौर पर ऐसे निमंत्रण में हमनें प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया का इस्तेमाल होते हुए देखा है. संविधान के preamble में भी लिखा जाता है we the people of india. नॉट we the people of bharat. फिर क्या? प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया बनाम प्रेसिडेंट ऑफ भारत की बहस शुरू हो गई. होनी भी थी क्योंकि 25 से अधिक विपक्षी पार्टियों ने अपने गठबंधन को 'इंडिया' ही कहा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कुछ इस तरह अपनी आपत्ति दर्ज कराई कि अब हमें संविधान के आर्टिकल 1 में India, that is Bharat की जगह पढ़ना चाहिए Bharat, that was India, a union of states. अटकलें ये भी लगने लगी है कि इस महीने के पार्लियामेंट के स्पेशल सेशन में सरकार इंडिया शब्द को हटाकर क्या भारत करेगी , सुनिए ‘दिन भर’ में.

गुरुवार का दिन रहेगा, और यही 5 तारीख़. जब ठीक एक महीने बाद भारत में आगाज़ होगा आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप टूर्नामेंट का. कौन सी टीम किस से किस दिन भिड़ेंगी, इस इंतज़ार से इतर टकटकी क्रिकेट प्रेमियों की इस पर भी थी कि भारतीय टीम में इस दफ़ा किसे मौका मिलेगा और किसे नहीं. आज दोपहर में एनाउंसमेंट आया, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और कप्तान रोहित शर्मा की जानिब से. रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या, श्रेयस अय्यर, रवींद्र जडेजा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव, मो. सिराज, मो. शमी, अक्षर पटेल और शार्दुल ठाकुर इंडियन स्क्वाड में शामिल रहेंगे. कप्तानी रोहित शर्मा को और उप कप्तान का जिम्मा हार्दिक पांड्या को सौंपा गया है. बहरहाल, जैसा होता है, टीम की ऐलान के बाद खिलाड़ियों की ताकत, कमज़ोरी पर बात होने लगी है, क्या बेहतर हो सकता था, इस का भी अध्ययन होने लगा है. 15 सदस्यीय स्क्वाड में युजवेंद्र चहल, संजू सैमसन और तिलक वर्मा को न रखना, क्या वाजिब था? केएल राहुल के नाम को लेकर भी अटकलें थी लेकिन उन्हें टीम का हिस्सा बनाया गया. ओवरऑल ये सलेक्शन कितनी कैसी रही, किनका नहीं होना चौंका गया, सुनिए ‘दिन भर’ में.

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शिक्षक दिवस था आज, आपने अपने शिक्षकों को आभार कहते हुए ज़ाहिरन आशीर्वाद लिया होगा. लेकिन हम 'दिन भर' के इस हिस्से में शिक्षकों की कम, शिक्षा और एक अधिकारी की बात अधिक करना चाहते हैं जिसने लगभग दो महीने में बिहार के पूरे शिक्षा तंत्र को मथ कर रख दिया है. केके पाठक, बिहार के शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव हैं. नकल की समस्या, टॉपर्स तक में घोटाला और समय पर पाठ्यक्रम न पूरा करने को लेकर बदनाम बिहार की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों कुछ कड़े फैसले की वजह से चर्चाओं में है. हालत है है कि 1 जुलाई को, पाठक जी के कार्यभार संभालने से पहले जहां बिना सूचना के एब्सेंट टीचर्स की संख्या 588 थी, वह दो महीने में 29 अगस्त को 296 पर आ चुकी है. 7 हजार से अधिक शिक्षकों की वेतन में कटौती हुई है. 56 निलंबित तो 30 शिक्षक बर्ख़ास्त हए हैं. केके पाठक किस तरह बिहार में लापरवाह शिक्षकों को उनका कर्तव्य याद दिला रहे हैं और उनके फैसले खस्ताहाल शिक्षा व्यवस्था को किस हद दुरुस्त कर पा रहे हैं, सुनिए ‘दिन भर’ में.

इजरायल, ग्रीस और साइप्रस. तीनों देश साल 2016 में पहली बार एक त्रिपक्षीय सम्मिट के लिए साथ आए. इस समिट का मक़सद था तीनों देशों के बीच शांति, स्थिरता और सुरक्षा के मुद्दों पर आपसी सहयोग. अपने समिट में ये देश 3+1 के फॉर्मूले से काम करते है. 3+1 का फार्मूला यानि ग्रीस, साइप्रस और इजरायल अपने अलावा एक तीसरे देश को भी शामिल करते हैं. आज तक, अधिकतम, ये प्लस वन अमेरिका ही रहा है. लेकिन अब अटकलें हैं कि अगले साल उन्होंने ये न्योता भारत को देने का मन बनाया है. साइप्रस के निकोसिया में एक जॉइन्ट प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए साइप्रस के राष्ट्रपति, ग्रीस और इसरायल के प्रधानमंत्री ने भारत को इस सम्मिट में अगले बरस शामिल करने का ज़िक्र किया. 3+1 वाले इस सम्मिट की अहमियत जानने-समझने के लिए, सुनिए ‘दिन भर’.

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