scorecardresearch
 

Explainer: क्या है रेलवे की भारत गौरव सेवा? जिसमें प्राइवेट कंपनियां ट्रेन, किराया सबकुछ खुद तय कर पाएंगी

Indian Railways, Bharat Gaurav Trains: केंद्र सरकार के अनुसार, 180 से अधिक भारत गौरव ट्रेनों को चलाने का फैसला किया गया है. इसके लिए तीन हजार से ज्यादा ट्रेनों की पहचान की गई है. यह थीम-आधारित ट्रेनें होंगी. जिसके जरिए देश के विभिन्न राज्यों के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा मिलेगा.

Bharat Gaurav Trains: प्रतीकात्मक तस्वीर Bharat Gaurav Trains: प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 180 से अधिक ट्रेनें चलाई जाएंगी
  • पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फैसला

IRCTC, Bharat Gaurav Trains Latest Updates: केंद्र सरकार ने देश में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 'भारत गौरव' ट्रेनों को चलाने का ऐलान किया है. प्राइवेट और आईआरसीटीसी द्वारा चलाई जाने वाली इन ट्रेनों के बारे में रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव ने जानकारी दी कि 180 से अधिक 'भारत गौरव' ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. देश के पर्यटन के बारे में और जानकारी देने के लिए चलाई जाने वाली 'भारत गौरव' ट्रेनों के लिए प्राइवेट कंपनियों को किराया, थीम और सुविधाएं समेत तमाम चीजे खुद से तय करने का अवसर मिलेगा. यह कोई रेग्युलर ट्रेन नहीं होगी. 

कितनी होंगी भारत गौरव ट्रेनें?
दरअसल, केंद्र सरकार ने बताया है कि उसने 180 से अधिक भारत गौरव ट्रेनों को चलाने का फैसला किया है. इसके लिए तीन हजार से ज्यादा ट्रेनों की पहचान की गई है. यह एक थीम-आधारित ट्रेन होगी, जिसके जरिए से देश के विभिन्न राज्यों के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा मिल सकेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैश्वण ने बताया, ''भारत गौरव ट्रेनें भारत की संस्कृति और विरासत को दिखाएंगी.'' उन्होंने कहा कि रेलवे ने इसके लिए आवेदन आमंत्रित करना भी शुरू कर दिया है. रेलवे ने अपने बयान में कहा कि थीम-आधारित पर्यटन के द्वारा, रेलवे गुरु कृपा जैसी ट्रेनों की योजना बना रहा है जो उन सभी स्थानों को कवर करेगी जो गुरु नानक से संबंधित हैं या रामायण-थीम वाली ट्रेन जो भगवान से संबंधित स्थानों पर जाएगी.

कौन तय करेगा भारत गौरव ट्रेनों का किराया?
कोई भी नई ट्रेन की शुरुआत की जाती है तो सबसे पहले उसके किराए को लेकर बात होती है. रेलवे का किराया अन्य ट्रांसपोर्टेशन की सर्विसेस से काफी सस्ता माना जाता है. ऐसे में उम्मीद की जाती है कि जो भी नई ट्रेन चलाई जाएगी, उसका किराया कम होगा. अब तक ज्यादातर ट्रेनों के किराए को तय भारतीय रेलवे ही करती थी, लेकिन 'भारत गौरव' ट्रेन को देखें तो इसका किराया टूर ऑपरेटरों द्वारा तय किया जाएगा. हालांकि, रेलवे यह सुनिश्चित करेगा कि कीमतों में कोई असामान्यता नहीं हो. मंत्री ने यह भी जानकारी दी है कि इस ट्रेनों को लेकर कई राज्यों ने भी अपनी दिलचस्पी दिखाई है. ये राज्य सरकारें राजस्थान, ओडिशा, तमिलनाडु और कर्नाटक हैं.

लीज पर ली जा सकेंगी ट्रेनें
कोई भी टूर ऑपरेटर यदि इन ट्रेनों को चलाने के लिए अपनी दिलचस्पी दिखाता है तो वह इन्हें लीज पर ले सकेगा. इसके साथ ही वह उस ट्रेन का रूट, सर्किट आदि भी तय कर सकेगा. इन ट्रेनों के जरिए से यात्री देश के कल्चरल हैरिटेज को देख सकेंगे. रेलवे इन ट्रेनों को चलाने के लिए मेनटेनेंस, पार्किंग व अन्य कुछ सुविधाओं को लेकर मदद करेगा. यह माल और ढुलाई खंड के बाद इस तरह का तीसरा खंड है. बता दें कि हाल ही में रेलवे ने धार्मिक स्थलों के पर्यटन को बढ़ावा देने उद्देश्य से रामायण एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की है, जो भगवान राम से जुड़े कई धार्मिक स्थलों का लोगों को दर्शन करवाएगी. 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें