कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों ने गुरुवारों को मेडल लौटाने का ऐलान किया है. बुधवार रात को जंतर मंतर पर हुए बवाल के बाद पहलवानों ने ये ऐलान किया. पहलवानों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने बुधवार रात को धरना दे रहे रेसलर्स के साथ मारपीट की. इस हाथापाई में कुछ पहलवानों के सिर में चोटें भी आई हैं.
बुधवार रात को हुई घटना के बाद अब विनेश फोगाट ने ऐलान किया है कि पहलवान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीते हुए सभी मेडल लौटाएंगे. विनेश फोगाट ने कहा, हमें अपमानित किया जा रहा है, जमीन पर घसीटा जा रहा है. ऐसे में हम अपने सभी मेडल लौटा देंगे. वहीं, बजरंग पूनिया ने कहा, अगर ऐसे ही सम्मान हुआ, तो हम मेडल का क्या करेंगे. हम वो मेडल लौटा देंगे भारत सरकार को. इससे अच्छा तो हम सामान्य जीवन जी लेंगे. दिल्ली पुलिस को नहीं दिखता कि ये लोग पद्मा श्री हैं. उस समय इन्हें ये अवार्ड नहीं दिखते, जब ये लोग हमें मारते हैं.
महावीर फोगाट बोले- लौटा दूंगा द्रोणाचार्य अवार्ड
महावीर फोगाट ने भी द्रोणाचार्य अवार्ड वापस लौटाने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, अगर खिलाड़ियों को न्याय नहीं मिला तो मैं भी द्रोणाचार्य अवार्ड नहीं रखूंगा और उसे लौटा दूंगा. उन्होंने जंतर मंतर पर बैठे खिलाड़ियों पर हुए हमले को निंदनीय बताया.
23 अप्रैल से धरने पर पहलवान
पहलवान 23 अप्रैल से धरना दे रहे हैं. पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. वे बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. पहलवानों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है.
इससे पहले 18 जनवरी को पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था.तब पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह और कोच पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न, अभद्रता, क्षेत्रवाद जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. हालांकि, खेल मंत्रालय के दखल के बाद पहलवानों ने अपना धरना खत्म कर दिया था. तब खेल मंत्रालय ने पहलवानों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया था. अब तीन महीने बाद पहलवान फिर धरना दे रहे हैं. पहलवानों ने अब कमेटी पर ही सवाल खड़े किए हैं.
बुधवार को जंतर मंतर पर हुआ हंगामा
बताया जा रहा है कि रात 11 बजे जंतर मंतर पर यह हाथापाई हुई. इसके पीछे मुख्य वजह फोल्डिंग बेड थी. दरअसल, बारिश के चलते गद्दे गीले हो गए थे, ऐसे में धरनास्थल पर फोल्डिंग बेड लाए जा रहे थे. जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो ये पूरा बवाल शुरू हुआ. पहलवानों के मुताबिक, पुलिस कर्मियों ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया और महिला पहलवानों से भी दुर्व्यवहार किया गया. विनेश फोगाट मीडिया से बात करते वक्त रो पड़ीं, उन्होंने कहा, अगर वे हमें मारना चाहते हैं, तो मार दें.
पुलिस पर आरोप लगाते हुए पूर्व पहलवान राजवीर ने बताया, बारिश से हमारे गद्दे भीग गए थे तो हम सोने के लिए फोल्डिंग बेड ला रहे थे, लेकिन पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी. नशे में धुत पुलिसकर्मी धर्मेंद्र ने विनेश फोगट को गाली दी और हमारे साथ हाथापाई की. उन्होंने हमें मारना शुरू कर दिया. बजरंग पुनिया के साले दुष्यंत और राहुल के सिर में चोटें आई हैं. पुलिस ने डॉक्टरों को मौके पर नहीं पहुंचने दिया. यहां तक कि महिला कांस्टेबल भी हमारे साथ बदसलूकी कर रही थीं.
पुलिस ने क्या कहा?
डिप्टी कमिश्नर प्रणव तयाल ने बताया, आप नेता सोमनाथ भारती फोल्डिंग बेड लेकर पहुंचे थे. सोमनाथ भारती ने इसके लिए अनुमति नहीं ली थी. दिल्ली पुलिस ने इस पर उन्हें रोका. पुलिसकर्मियों की ओर से रोके जाने के बाद वहां मौजूद सोमनाथ भारती के समर्थक उत्तेजित हो गए और ट्रक से बेड निकालने की कोशिश करने लगे. उन्होंने बताया कि इसके बाद मामूली कहासुनी हुई जिसके बाद भारती और दो अन्य को हिरासत में ले लिया गया.
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, कुछ लोगों ने प्रदर्शन स्थल पर फोल्डिंग बेड लाने की कोशिश की. जब पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछा तो वे आक्रामक हो गए और प्रदर्शनकारी पहलवान भी उनके साथ हो गए. उन्होंने एक पुलिसकर्मी को गलत तरीके से रोका और उस पर नशे में होने का आरोप लगाया. जबकि यह मामला नहीं था. पुलिस की तैनाती की गई है, अब स्थिति नियंत्रण में है. किसी भी प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट नहीं की गई.
(इनपुट- प्रदीप साहू)