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जिरिबाम में प्रदर्शनकारियों से भरे ट्रक की फैली अफवाह, असम राइफल्स ने पकड़ा तो ये सच आया सामने

मणिपुर में हिंसा और तनाव के माहौल को बढ़ावा देने में काफी हाथ अफवाहों का भी रहा है. असम राइफल्स ऐसी ही एक अफवाह की जांच की और गलत साबित किया. इसके साथ ही टीम ने 51 नागरिकों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जो कि डरे हुए थे और एक ट्रक में जा छिपे थे.

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असम राइफल्स ने अफवाह को गलत साबित किया
असम राइफल्स ने अफवाह को गलत साबित किया

बीते 4 दिनों से मणिपुर में हिंसा और तनाव का माहौल बना हुआ था. इस तनाव के फैलने में बहुत बड़ा हाथ अफवाहों का भी रहा है. मणिपुर में अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अफवाहों के विरुद्ध भी सक्रिय रहना पड़ रहा है. ऐसी ही एक अफवाह को गलत साबित कर असम राइफल्स ने स्थिति को एक बार फिर बिगड़ने से बचाने में कामयाबी हासिल की है. अफवाह फैली थी कि एक ट्रक में काफी प्रदर्शनकारी इकट्ठे हैं और माहौल बिगाड़ने जैसी प्लानिंग कर सकते हैं.

ट्रक में प्रदर्शनकारियों के होने की फैली अफवाह
मणिपुर में मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए असम राइफल्स एक्टिव है और इधर-उधर फैल रही झूठी अफवाहों से भी निपट रही है. असल में तनाव वाले इस हालात में झूठी अफवाहें व्याप्त हैं जो लोगों के बीच असुरक्षा को बढ़ावा दे रही हैं. 5 मई 2023 को मणिपुर में तनावपूर्ण स्थिति के बीच, असम राइफल्स को जिरिबाम शहर की ओर एक ट्रक में हथियारबंद लोगों के भरे होने की जानकारी मिली. अफवाह थी कि इसमें प्रदर्शनकारी हैं और कुछ प्लान कर रहे हैं. इंटरनल सिक्यूरिटी कॉलम (बल) ने तुरंत इस पर कार्रवाई की.

अमम राइफल्स नागरिकों को बचाया

जान बचाने के लिए ट्रक में छिपे थे दिहाड़ी मजदूर
सामने आया है कि एक संदिग्ध ट्रक को जिरिबाम-तमेंगलोंग सीमा पर रोका गया जिसमें 51 स्थानीय लोग छिपे हुए थे. उनकी जांच में सामने आया कि वह नागरिक दिहाड़ी मजदूर और असम के निवासी थे जो मणिपुर में काम कर रहे थे और तनावपूर्ण सुरक्षा स्थिति से बचने की कोशिश कर रहे थे. सभी निर्दोष नागरिकों को असम राइफल्स के जवानों द्वारा सुरक्षित रूप से कछार पहुंचाया गया है. अगरतला सेक्टर में की गई त्वरित कार्रवाई से असम राइफल्स ने झूठी अफवाहों पर काबू पाया और नागरिकों को बचाया. सुरक्षा बल सक्रिय रूप से शांति और सद्भाव बनाए रख रहे हैं. मणिपुर के जिरिबाम जिले की ही तरह राज्य में झूठी अफवाहों को रोकने के लिए सभी कदम उठा रहे हैं.

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चुराचांदपुर में आद कर्फ्यू में मिलेगी ढील
मणिपुर में रविवार का दिन कुछ राहत वाला होने वाला है. मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में कर्फ्यू के समय में ढील दी जा रही है. रविवार को सुबह 7 बजे से 10 बजे के बीच कर्फ्यू के समय में ढील दी जाएगी. सीएम एन बीरेन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि  "चुराचांदपुर जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार के साथ और राज्य सरकार और विभिन्न हितधारकों के बीच बातचीत के बाद, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कर्फ्यू में आंशिक रूप से ढील दी जाएगी" असल में जैसे ही प्रारंभिक हिंसा भड़की थी, राज्य सरकार ने इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम, बिष्णुपुर, चुराचंदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया था. कर्फ्यू के अलावा, पहले इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं, फिर मौजूदा स्थिति को देखते हुए ब्रॉडबैंड भी बंद कर दिया गया था. 

सीएम धामी ने मणिपुर से इशिता की सुरक्षित वापसी के दिए आदेश

सीएम धामी ने शोध छात्रा की वापसी के दिए आदेश
मणिपुर में उथल-पुथल के बीच, उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून प्रशासन को इशिता सक्सेना को सुरक्षित वापस लाने का आदेश दिया है. इशिता सक्सेना केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इम्फाल में एक शोध छात्रा हैं और वर्तमान में मणिपुर में गंभीर स्थिति में फंस गई हैं. उन्होंने अपने बचाव के लिए सहायता मांग की है. देहरादून डीएम ने कहा, रविवार को इशिता देहरादून लौटेंगी.

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