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दिल्ली में डेंगू पर कैसे लगेगी लगाम? सिर्फ हवा में हैं चल रहे रोकथाम अभियान के दावे

आनंद पर्वत के हाई रिस्क जोन पंजाबी बस्ती में पड़ताल में सामने आया कि नेताओं के दावे हवा में हैं. सीवर लाइनें जगह-जगह टूटी पड़ी हैं. वहीं बिल्डर माफिया का कंस्ट्रक्शन भी जोरों पर है.

हाई रिस्क जोन में रहने वाले लोग डेंगू से परेशान हैं. हाई रिस्क जोन में रहने वाले लोग डेंगू से परेशान हैं.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डेंगू के बढ़ते केसेज ने दिल्ली वालों को परेशान कर दिया है
  • नॉर्थ एमसीडी एरिया में 200, साउथ एमसीडी में 27 इलाके हैं
  • डेंगू के खिलाफ अभियान में बड़ा रोल हाई रिस्क वाले इलाकों का

देश अभी कोरोना संक्रमण का दर्द झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ डेंगू भी घातक होता जा रहा है. डेंगू के बढ़ते केसेज ने दिल्ली वालों को भी परेशान कर दिया है. डेंगू के खिलाफ अभियान में सबसे बड़ा रोल हाई रिस्क वाले इलाकों का है. लेकिन जब इन इलाकों की पड़ताल की गई तो पता चला कि नेताओं और अफसरों के दावे सिर्फ 'हवा' में हैं. लेकिन इससे लोगों की जान पर बन आई है. स्थानीय लोग डेंगू के प्रकोप से परेशान हैं. उनका कहना है कि यहां पर कोई भी ध्यान देने वाला नहीं है.

नॉर्थ एमसीडी के हाई रिस्क इलाकों में भलस्वा, जहांगीरपुरी, सुल्तानपुरी मंगोलपुरी और अवैध तथा कच्ची कॉलोनियां शामिल हैं. नॉर्थ एमसीडी के हाई रिस्क जोन में आनंद पर्वत, सदर बाजार, करोल बाग, पहाड़गंज, देवनगर, वेस्ट पटेल नगर, बलजीत नगर आदि भी शामिल हैं. आनंद पर्वत के हाई रिस्क जोन पंजाबी बस्ती में पड़ताल में सामने आया कि नेताओं के दावे हवा में हैं. सीवर लाइनें जगह-जगह टूटी पड़ी हैं. वहीं बिल्डर माफिया का कंस्ट्रक्शन भी जोरों पर है. वहीं पब्लिक हेल्थ विभाग के सीनियर अफसरों का कहना है कि नॉर्थ एमसीडी एरिया में 200, साउथ एमसीडी में 27 और ईस्ट एमसीडी में 24 इलाके हैं.

आनंद पर्वत निवासी मोनू के परिवार में डेंगू के 7 मरीज हैं, उन्होंने बताया कि इलाके में जगह-जगह सीवर लाइन टूटी हुई है, पानी की पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त है. इसी में से पानी का रिसाव होता है. यही कारण है कि यहां मच्छर पनपते हैं. वहीं पंजाबी बस्ती निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उनके बेटे को डेंगू हुआ था, इलाज में 50 हजार रुपये खर्च हो गए. उन्होंने इलाके के निगम पार्षद और विधायक को बढ़ते डेंगू के लिए जिम्मेदार ठहराया. 

डेंगू से पीड़ित लोगों ने तोड़ा दम
डेंगू के दूसरे हॉटस्पॉट (hot spot) देव नगर के रहने वाले एमएस मौर्य ने बताया कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी कुछ लोग ही डेंगू से ठीक हो सके हैं, जबकि कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है. यहां सालों पुरानी सीवर लाइन है, उसकी मरम्मत नहीं होती. इसके डैमेज होने से पानी ओवरफ्लो हो जाता है. टूटी हुई गलियों के गड्ढों में गंदा पानी भर जाता है, जो मच्छरों के लिए नर्सरी का काम करते हैं. जबकि नॉर्थ एमसीडी (North MCD) में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन जोगीराम जैन का दावा है  "हाई रिस्क जोन के सभी इलाकों में सुबह-शाम फॉगिंग के साथ ही एंटी लार्वा मेजर्स लिए जा रहे हैं."

गंदगी के ढेर ने इलाके में समस्या बढ़ाई
साउथ एमसीडी के हाई रिस्क इलाकों में मोहम्मदपुर, रंगपुरी पहाड़ी और एम्स के पीछे गौतम नगर इलाके में डेंगू के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं. मोहमदपुर में जगह-जगह गंदगी के ढेरों ने इलाके में समस्या बढ़ा दी है.

सुबह-शाम फॉगिंग कराई जा रही है
साउथ एमसीडी के मेयर मुकेश सूर्यन के मुताबिक "हाई रिस्क इलाकों में लोगों को जागरूक करने के साथ ही सुबह-शाम फॉगिंग कराई जा रही है. डेंगू मुक्त दिल्ली का सपना तब तक अधूरा है, जब तक दिल्ली सरकार के अस्पताल ठीक तरह से इलाज नहीं करते".

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