इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर की शिकायत पर एक प्रोफेसर और दो पूर्व प्रोफेसर्स के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर दीपशिखा सोनकर ने अगस्त 2016 में एफआईआर दर्ज कराई थी.
पुलिस ने सोमवार को बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर दीपशिखा सोनकर ने तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर प्रह्लाद कुमार, प्रोफेसर मनमोहन कृष्ण और प्रोफेसर जावेद अख्तर के खिलाफ IPC की धारा 354C (घूरने), 504 (अपमान करने), 506 (धमकी) और एसटी अधिनियम के तहत करनालगंज पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी.
तीन प्रोफेसरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट
प्रयागराज के असिस्टेंट कमिश्नर शिवकुटी राजेश कुमार यादव ने बताया कि तीनों प्रोफेसर्स के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. पुलिस को दी अपनी शिकायत में असिस्टेंट प्रोफेसर ने कहा था कि प्रह्लाद कुमार, मनमोहन कृष्णा और जावेद अख्तर ने उन्हें जातिसूचक गालियां दी थीं और उनका शोषण भी किया था.
मनमोहन कृष्ण और प्रह्लाद कुमार रिटायर हुए
यूनिवर्सिटी की पीआरओ जया कपूर ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद मनमोहन कृष्ण इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में नीति आोग में चेयर प्रोफेसर बन गए. प्रह्लाद कुमार रिटायर हो गए और जावेद अख्तर अभी भी प्रोफेसर हैं.
उन्होंने कहा कि सोनकर की शिकायत को तत्कालीन कुलपति ने 2016 में गंभीरता से लिया था और एक जांच कमेटी का गठन किया था. कमेटी ने शिकायत को निराधार पाया, कपूर ने कहा कि सोनकर ने पैनल द्वारा भेजे गए सवालों का जवाब नहीं दिया और न ही वह अपने आरोपों की पुष्टि करने के लिए कोई सबूत पेश कर सकीं.