scorecardresearch
 

Air India: 12 हजार से ज्यादा कर्मचारी, 153 विमान का बेड़ा... 5 प्वॉइंट में समझें एअर इंडिया मतलब क्या?

69 साल बाद एअर इंडिया फिर से टाटा ग्रुप के पास चली गई है. 1932 में जेआरडी टाटा ने टाटा एयरलाइन्स शुरू की थी. 1946 में इसका नाम बदलकर एअर इंडिया कर दिया गया था.

X
एयर इंडिया का पूरा मालिकाना हक अब टाटा ग्रुप के पास होगा. (फाइल फोटो)
एयर इंडिया का पूरा मालिकाना हक अब टाटा ग्रुप के पास होगा. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टाटा ने एअर इंडिया 18,000 करोड़ में खरीदी
  • एअर इंडिया पर 51,554 करोड़ का कर्ज बाकी

Air India Story: घाटे से जूझ रही एअर इंडिया आखिर बिक ही गई. 69 साल बाद एअर इंडिया फिर से टाटा ग्रुप (Tata Group) के पास चली गई है. अभी तक एअर इंडिया का मालिकाना हक सरकार के पास था. लेकिन अब एअर इंडिया का नया मालिक टेलेस प्राइवेट लिमिटेड (Talace Private Limited) होगी, जो टाटा सन्स की ही सब्सिडियरी कंपनी है. 

मालिकाना हक के साथ-साथ टाटा सन्स को एअर इंडिया का 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज भी मिला है. वैसे तो सितंबर 2021 तक एअर इंडिया पर 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. बाकी का कर्ज सरकार चुकाएगी. टाटा सन्स ने पिछले साल नीलामी में एअर इंडिया के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. 

इसी के साथ 69 साल बाद एअर इंडिया की 'घर वापसी' हो गई. 1932 में जेआरडी टाटा ने टाटा एअरलाइन्स की शुरुआत की थी और अब फिर से टाटा ग्रुप ही इसका मालिक होगा.

ये भी पढ़ें-- Air India को आज सरकार ने कह दिया- 'टाटा', 90 साल का इतिहास- 8 बड़ी बातें

5 प्वॉइंट में समझें- एअर इंडिया मतलब क्या?

1. इतिहासः देश की पहली एअरलाइन कंपनी है. शुरुआती दौर में टाटा एअरलाइन्स का ऑफिस मुंबई के जुहू के पास कच्चे मकान में था. नजदीकी मैदान को रनवे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था. बारिश में पानी भर जाने से जेआरडी टाटा पूना से विमान उड़ाते थे. रिपोर्ट के मुताबिक, पहले साल कंपनी को 60 हजार रुपये का मुनाफा हुआ था. 1946 में इसका नाम बदलकर 'एअर इंडिया' कर दिया गया. 1953 में सरकार ने एअरलाइन्स का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया और एअर इंडिया पूरी तरह से सरकारी कंपनी बन गई. 

2. बेड़ाः कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, एअर इंडिया के पास 128 छोटे-बड़े और एअर इंडिया एक्सप्रेस के पास 25 विमान हैं. एअर इंडिया के पास 1,800 इंटरनेशनल और 4,400 घरेलू लैंडिंग और स्लॉट हैं. इनमें से 900 विदेशों में हैं. 

3. कर्मचारीः न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एअर इंडिया में 12,085 कर्मचारी हैं. इनमें से 8,084 स्थायी और 4,001 संविदा पर हैं. एअर इंडिया एक्सप्रेस में 1,434 कर्मचारी हैं. अगले 5 साल में 5 हजार स्थायी कर्मचारी रिटायर होंगे. पहले एक साल टाटा ग्रुप छंटनी नहीं कर पाएगी. अगर बाद में छंटनी की जरूरत हुई तो वीआरएस देना होगा.

4. संपत्तिः पीआईबी के मुताबिक, एअर इंडिया के पास अगस्त 2021 तक 14,718 करोड़ रुपये की संपत्ति थी. इनमें जमीन और बिल्डिंग भी शामिल है. ये संपत्ति टाटा को नहीं मिलेंगी. ये सारी संपत्ति सरकार की कंपनी एअर इंडिया असेट होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) को ट्रांसफर की जाएंगी. सरकार इन्हें ही बेचकर एअर इंडिया का कर्ज चुकाएगी.

5. कर्जः 2000 तक कंपनी मुनाफे में थी. 2001 में कंपनी को 57 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. 2007 में एअर इंडिया का इंडियन एअरलाइन्स में मर्ज कर दिया. इसके बाद से कंपनी कभी मुनाफे में नहीं आ सकी. डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडे के मुताबिक, एअर इंडिया पर सरकार हर महीने 620 करोड़ रुपये खर्च करती है और उसका रोजाना घाटा 20 करोड़ रुपये का है. सरकार के मुताबिक, 30 सितंबर 2021 तक एअर इंडिया पर 51,554 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें