नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एअर इंडिया पर करीब एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई एअर इंडिया के एयरबस ए320 विमान द्वारा 24 और 25 नवंबर 2025 को वैध एयरवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (एआरसी) के बिना आठ बार उड़ान भरने के मामले में की गई है. यह एक अनिवार्य दस्तावेज होता है जो कि उड़ान के पहले लेना बेहद ही जरूरी होता है.
जानकारी के अनुसार, यह विमान दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद के बीच कई फ्लाइट्स संचालित करता रहा. एआरसी एक ऐसा सर्टिफिकेट है जो हर साल विमान की सुरक्षा और नियामक जांच के पूरी होने के बाद जारी किया जाता है. बिना एआरसी के किसी विमान का उड़ान भरना भारतीय नागरिक उड्डयन नियमों के खिलाफ है और इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जाता है.
डीजीसीए के 5 फरवरी के आदेश में एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन को लिखा गया कि इस घटना ने न केवल जनता का विश्वास खोखा बल्कि एयरलाइन की सुरक्षा अनुपालन की विश्वसनीयता को भी प्रभावित किया है. साथ ही एयर इंडिया को 30 दिनों के अंदर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया गया है.
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एअर इंडिया ने इस मुद्दे पर कहा है कि यह घटना कंपनी ने 2025 में ही ख़ुद से दर्ज कराई थी. कंपनी ने बताया कि जिन कमियों का पता चला था, उन्हें पूरी तरह ठीक कर लिया गया है और संबंधित जानकारी नियामक को दे दी गई है. एअर इंडिया ने दोहराया है कि वह अपनी ऑपरेशनल इंटीग्रिटी और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
एअर इंडिया की आंतरिक जांच में यह भी पता चला कि सिस्टम फेल्योर हुआ और पायलटों ने प्रस्थान से पूर्व मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं किया. यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब एअर इंडिया पहले से ही सुरक्षा मानकों की निगरानी के दायरे में है.