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ISIS के आतंकियों को हथियार देने की तैयारी में पाकिस्तान, कश्मीर में हमले की साजिश!

अफगानिस्तान में तालिबान ने अपनी सरकार बनाकर भले ही प्रधानमंत्री और मंत्रियों की घोषणा कर ली है पर ISI के चंगुल से नहीं निकल पा रहे हैं.यही वजह है कि ISI अब भारत के खिलाफ एक और साज़िश रचने की फ़िराक में है.

ISI के जरिए ISKP की भारत में घुसने की तैयारी ISI के जरिए ISKP की भारत में घुसने की तैयारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ISI के जरिए ISKP की भारत में घुसने की तैयारी
  • ISIS के आतंकियों को हथियार देने की तैयारी में PAK

अफगानिस्तान में तालिबान ने अपनी सरकार बनाकर भले ही प्रधानमंत्री और मंत्रियों की घोषणा कर ली है पर ISI के चंगुल से नहीं निकल पा रहे हैं.यही वजह है कि ISI अब भारत के खिलाफ एक और साज़िश रचने की फ़िराक में है.अफगानिस्तान की जेलों से रिहा हुए इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISKP) के आतंकियों का इस्तेमाल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी भारत के खिलाफ आतंकी हमले करने के लिए कर सकती है. 

ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इस बात की आशंका जताई है कि रिहा हुए ISKP के आतंकियों को पाकिस्तान की आईएसआई, तालिबान से मिले हथियारों के जखीरे को मुहैया करा सकती है. इससे पहले ISKP के आतंकियो का नाम काबुल एयरपोर्ट पर हुए आतंकी हमले में आया था जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक सहित बड़ी संख्या में आम लोग मारे गए थे.

ISI के जरिए ISKP की भारत में घुसने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक ISI इन आतंकियों को पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) भेज सकती है जिनके जरिये जम्मू कश्मीर या देश के दूसरे हिस्सों में आतंकी हमले कराने की साजिश रची जा सकती है. केरल के करीब 25 की संख्या में युवा अफगानिस्तान जाकर ISKP के आतंकी बन गए हैं. जानकारी ये मिल रही है कि ISI इन आतंकियों का इस्तेमाल भारत पर हमले कराने के लिए कर सकती है.

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की रिपोर्ट से ये भी पता चला है कि ISKP का कमांडर मुंसिब जिसके अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर मौजूद होने की जानकारी मिली है, उसके जरिये ISI भारतीय युवकों का रेडिकलाइज कर उन्हें ISKP में शामिल होने की कवायद कर सकता है. मुंशीब सोशल मीडिया पर पिछले कुछ महीनों से काफी सक्रिय है.

तालिबान को मिला पाक आतंकियों का साथ

एजेंसियों से मिली जानकारी में यह बात सामने आ चुकी है कि तालिबान की मदद करने के लिए पाकिस्तान से जैश और लश्कर के 8000 से भी ज्यादा आतंकी अफगानिस्तान गए थे जो तालिबान के साथ मिलकर अफ़ग़ानी सुरक्षा बलों पर हमले में शामिल थे. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की लड़ाई खत्म होने के बाद अब ये आतंकी हथियारों के साथ वापस पाकिस्तान आते देखे गए हैं. जो आतंकी वापस पाकिस्तान आ रहे हैं उनके पास अफगानी सुरक्षा बलों से छीने गए अमेरिकन हथियार भी हैं.

ISI का पूरा प्लान क्या है?

ISI एक बड़े प्लान के तहत इन सभी आतंकियों को पीओके में शिफ्ट करा सकती है. पिछले दिनों यह देखा गया था कि ऐसे ही कुछ आतंकियों ने पीओके में एक रैली निकाली थी . भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की भी जानकारी मिल रही है कि पीओके में स्थित कुछ आतंकी कैंपों में पश्तून भाषा बोलने वाले आतंकियों की भी मौजूदगी देखी जा रही है जिससे इस बात की आशंका बढ़ गई है कि कहीं इन आतंकियों को लॉन्च पैड पर लाकर और सही मौका देखते हुए जम्मू कश्मीर में दाखिल ना करा दिया जाए.

सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह ने पिछले दिनों मीडिया से बातचीत करते हुए यह साफ कहा था कि अगर पीओके में मौजूद आतंकियों के पास अमेरिकी हथियार आते हैं तो हमें इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी करनी होगी और सीआरपीएफ ऐसे खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार भी है.
 

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