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आज का दिन: मॉनसून सत्र की शुरुआत, क्या होगी सरकार-विपक्ष की रणनीति?

सोनिया गांधी ने दोनों सदनों में पार्टी के बेहतर कामकाज के लिए दो ग्रुप बनाए हैं. ये ग्रुप रोजाना बैठक करेंगे और पार्टी की रणनीति बनाएंगे. मॉनसून सत्र से पहले सोनिया के इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है.

संसद में आज से मॉनसून सत्र की हो रही है शुरुआत. संसद में आज से मॉनसून सत्र की हो रही है शुरुआत.

आज से संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत हो रही है. और इस सत्र के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार एक दर्जन से अधिक नए विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्षी दल सरकार को कोविड के कुप्रबंधन, वैक्सीन की कमी, पेट्रोल डीज़ल की क़ीमतें, किसान आंदोलन, महंगाई और सीमा पर चीन की कार्रवाई जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेंगे. 

सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ने अलग-अलग विपक्षी दलों की बैठक बुलाई. सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव महत्वपूर्ण होते हैं जो जमीन से आता है. उससे डिबेट रिच होती है. वहीं इसके अलावा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की रणनीति में बड़ा फेरबदल किया है. 

सोनिया गांधी ने दोनों सदनों में पार्टी के बेहतर कामकाज के लिए दो ग्रुप बनाए हैं. ये ग्रुप रोजाना बैठक करेंगे और पार्टी की रणनीति बनाएंगे. मॉनसून सत्र से पहले सोनिया के इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है. तो इस बदलाव के बाद कांग्रेस की रणनीति क्या रहेगी और इस बार सरकार का कौन से क़ानून हैं जिन्हें पास कराने पर ज़ोर रहेगा?

यूपी में चुनावी हलचल बढ़ी

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल होने है. इसके लिए सभी पार्टियों ने कमर कसनी शुरू कर दी है. चार बार की मुख्यमंत्री मायावती ने भी वोटरों को साधने के प्रयास करना शुरू दिया है. इसी में एक कोशिश है, ब्राह्मण सम्मेलन की. ये सम्मेलन 23 जुलाई से अयोध्या से शुरू हो रहा है. मायावती ने इसकी ज़िम्मेदारी बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को दी है. इतना ही नहीं, मायावती ने भाईचारा कमेटियों को सक्रिय करने और अगस्त तक बूथ गठन की प्रक्रिया पूरी करने को भी कहा है. कहा तो ये भी जा रहा है कि जिस तरह से मायावती ने 2007 में टिकट का बंटवारा किया था, वही फॉर्मूला इस बार भी लागू होगा.

मायावती के सीट बंटवारे का मतलब, राज्य के 50 फीसदी OBC मतदाता को सबसे ज्यादा वेटेज मिलेगा. उसके बाद ब्राह्मणों को. फिर दलित और मुस्लिम का नंबर आएगा. वैसे 2007 में उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने में इसी टिकट बंटवारा की एक बड़ी भूमिका रही है. बात करें 2017 के विधानसभा चुनाव की तो उन्होंने 100 से ज्यादा मुस्लिम कैंडिडेट्स को टिकट दिया. ये नया प्रयोग सफल नहीं हुआ, 20 से भी कम सीटें आईं और पार्टी मुंह के बल गिर पड़ी. तो, क्या सच में मायावती टिकट देने के पुराने तरीकों पर वापस जाना चाहती हैं? सपा और कांग्रेस भी ब्राह्मणों को साधने की कोशिश में लगी हैं ऐसे में मायावती की कोशिशें क्या सफल हो पाएंगी?

तालिबान ने बढ़ाई भारत की चिंता?

बात अफ़ग़ानिस्तान की जहां अमेरिकी सैनिकों की अफ़ग़ानिस्तान से वापसी हो रही है. अमेरिका ने साफ तौर पर कह दिया है कि 31 अगस्त तक सभी सैनिकों की अमेरिका वापसी तय है. इसी के साथ ही तालिबान का वर्चस्व भी अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ता जा रहा है. तालिबान ने लगभग अफगानिस्तान के 85 फीसद हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया है. भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद कह चुके हैं कि ज़रूरत पड़ी तो वो भारत की सैन्य मदद भी ले सकते हैं और भारत की सरकार लगातार अफ़गान सरकार के संपर्क में है. यही वजह है कि तालिबान भारत पर भी अपनी नज़र टेढ़ी किए हुए है. इंडिया टुडे को सूत्रों जानकारी मिली है कि इससे भारत के लिए  नई चिंताएं बढ़ गई हैं. तो क्या हैं ये चिंताएं?

श्रीलंका में जीत से आगाज

भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका के दौरे पर है. यहां सोमवार को श्रीलंका और भारत के बीच 6 मैचों के सीरीज़ की शुरुआत हुई. कोलंबो में दोनों टीमों ने इस सीरीज़ का पहला वनडे मैच खेला. इस सीरीज़ में 3 वनडे और 3 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाने है. हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण ये सीरीज़ 5 दिनों की देरी से शुरू हुआ. श्रीलंका ने टॉस जितकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने 9 विकेट गंवाकर भारत के सामने 263 रनों का लक्ष्य रखा. इसे भारत ने 36.4 ओवरों में ही 3 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया.

हालांकि शुरुआत में जब भारतीय टीम वहां गई तब कुछ पूर्व श्रीलंकाई खिलाड़ी ने आक्रोश ज़ाहिर किया था कि भारत ने दूसरे दर्जे़ की टीम भेजी है. अब हम कम से कम सीरीज़ का पहला मैच तो जीत चुके हैं. तो आख़िर इस जीत का श्रेय किसे जाता है?  बतौर कप्तान शिखर धवन की ये पहला इंटरनेशनल सीरीज़ है. तो ऐसे में धवन की कप्तानी कितनी प्रभावशाली रही?  

इन सब ख़बरों पर विस्तार से बात के अलावा हेडलाइंस और आज के दिन की इतिहास में अहमियत सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.

19 जुलाई 2021 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें.

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