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कांग्रेस के 'संकटमोचक' अहमद पटेल का निधन, क्या होता है कोरोना एंडेमिक, सुनें 'आज का दिन'

आज सुबह क़रीब साढ़े तीन बजे गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में अहमद पटेल का निधन हो गया. महीना भर पहले वो कोरोना की चपेट में आए थे जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई.

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कांग्रेस नेता अहमद पटेल (फाइल फोटो-PTI) कांग्रेस नेता अहमद पटेल (फाइल फोटो-PTI)

आज सुबह क़रीब साढ़े तीन बजे गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में अहमद पटेल का निधन हो गया. महीना भर पहले वो कोरोना की चपेट में आए थे जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई. निधन की जानकारी उनके बेटे फैज़ल ने ट्वीट करके दी. देश अहमद पटेल को एक लो प्रोफ़ाइल लेकिन तेज़ तर्रार कांग्रेसी नेता के तौर पर जानता था. उनके पास कई कई ज़िम्मेदारियाँ थीं. सोनिया गांधी के पॉलिटिकल एडवाइज़र थे, गुजरात से राज्यसभा सांसद थे, कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहे.. और सबसे बड़ी बात ये कि वो ख़ामोश रहकर पार्टी के बड़े संकटों का समाधान करते रहे. 

वाकई कोरोना बदलते मौसम के साथ और भयानक होता जा रहा है और अब वैक्सीन से ही उम्मीद है. कोरोना की वैक्सीन पर पीएम मोदी ने कहा है कि ये कब आएगी, ये हम नहीं तय कर सकते. ये वैज्ञानिकों के हाथ में है. अब कोरोना पैन्डेमिक है ये तो हम जानते ही हैं लेकिन क्या कोरोना एंडेमिक बनने की ओर बढ़ रहा है? क्यों ये बात कही जा रही है लेकिन उससे पहले समझिए कि एंडेमिक होता क्या है? हमारे सहयोगी प्रभाष दत्ता बता रहे हैं.

ख़बर अब यूपी से है. कैबिनेट ने लव जिहाद पर अध्यादेश पास कर दिया है. योगी सरकार  का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सामान्य रखने के लिए और महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए ये ज़रूरी है. क्या है इस अध्यादेश में और बीजेपी की सरकार के लिए पॉलिटिकली इसके मायने क्या हैं.. समझिए  लखनऊ के आजतक रेडियो रिपोर्टर कुमार अभिषेक से.

भारत का चीन पर डिजिटल स्ट्राइक फिर से हुआ है. इस बार 43 मोबाइल ऐप्लीकेशंस बैन हुई हैं. डेटा सिक्योरिटी के मुद्दे पर 29 जून और 2 सितंबर को भी ऐसी स्ट्राइक्स हो चुकी हैं. तो इस बार जिन ऐप्लीकेशंस पर गाज गिरी है उनके बारे में बता रहे हैं टेक से जुड़ी ख़बरों पर नज़र रखने वाले हमारे सहयोगी मुनज़िर अहमद.

हाल ही में एक वेब सीरीज़ आई थी ए सूटेबल ब्वॉय. विक्रम सेठ की किताब पर आधारित है, मीरा नायर ने बनाई है. बैकग्राउंड इसका भारत पाकिस्तान विभाजन है. इसके कुछ सीन्स पर कुछ लोगों की भावानाएं आहत हो घई हैं.मध्य प्रदेश सरकार के विवाद में कूद जाने से मामला और दिलचस्प हो गया है. क्या है पूरा विवाद और मध्यप्रदेश सरकार ने इस पर क्या फैसला लिया है? बता रहे हैं आजतक रेडियो के भोपाल संवाददाता रवीश पाल सिंह.


और ये भी सुनिए कि 25 नवंबर की तारीख महत्वपूर्ण क्यों है, इतिहास इस पर क्या कहता है. साथ साथ अख़बारों का हाल भी लेंगे. इतना सब कुछ महज़ आधे घंटे में सुनिए मॉर्निग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ. 

'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

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