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आज का दिनः राफेल डील पर फ्रेंच मीडिया ने क्या किया खुलासा? कैसी रही शास्त्री-कोहली की जोड़ी?

क्या है फ्रेंच मीडिया का राफ़ेल डील को लेकर चौंकाने वाला खुलासा और क्या विपक्ष इस पर बीजेपी को फिर निशाने पर लेगा? संजय निषाद ने चुनाव से ऐन पहले क्यों की निषाद आरक्षण न देने पर पोल बायकाट की बात? कैसी रही विराट कोहली और रवि शास्त्री की जोड़ी? और चंद्रशेखर आज़ाद के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट सुनिए... आजतक रेडियो पर...

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फ्रेंच मीडिया ने राफेल डील में भ्रष्टाचार होने का दावा किया है. (फाइल फोटो-PTI) फ्रेंच मीडिया ने राफेल डील में भ्रष्टाचार होने का दावा किया है. (फाइल फोटो-PTI)

'आजतक रेडियो' के मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में आज हम चर्चा करेंगे राफेल डील को लेकर फ्रेंच मीडिया की ओर से किए गए खुलासे पर. क्या इस खुलासे के बाद विपक्ष एक बार फिर बीजेपी को निशाने पर लेगा? साथ ही चर्चा होगी संजय निषाद ने चुनाव से ऐन पहले क्यों की निषाद आरक्षण न देने पर पोल बायकाट की बात? और कैसी रही विराट कोहली और रवि शास्त्री की जोड़ी? साथ ही चंद्रशेखर आज़ाद के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट भी आज सुनाएंगे.

आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’, जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों की सुर्ख़ियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं.

1. राफेल डील पर फ्रेंच मीडिया ने क्या दावा किया?

2017 का वो साल था जब भारत देश ने राफेल स्कैम का नाम सुना. याद हो तो ये भी याद हो कि किस कदर इस मामले को ले कर कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार पर हमलावर हो गयी थी . दावा बड़ा स्पष्ट था कि भारत सरकार ने विमान बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉ से खरीदी जा रही 36 राफेल फाइटर जेट में 50 हज़ार करोड़ का गड़बड़ झाला किया है. राहुल गांधी ने वहीं से चौकीदार चोर है का नारा भी दे डाला था. बात बढ़ी तो मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जिसके बाद साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में क्लीन चीट दे दी. लेकिन जुलाई 2021 में फ्रांस की  national financial prosecutor’s office ने राफेल जेट डील पर judicial investigation बैठाई. इसी मसले पर अब फ्रांस के पोर्टल मीडियापार्ट की रिपोर्ट आई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फ्रांसीसी विमान निर्माता दस़ॉ ने भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमानों की बिक्री को सुरक्षित करने के लिए एक बिचौलिए को 7.5 मिलियन यूरो यानी कि 65 करोड़ रुपए का कमीशन दिया और भारतीय एजेंसियों ने डॉक्युमेंट्स होने के बावजूद इसकी जांच शुरू नहीं की. तो फ्रांस के पोर्टल मीडियापार्ट की रिपोर्ट में क्या कुछ दावा किया गया है और क्या कांग्रेस नए सिरे से इस मुद्दे को एक पॉलिटिकल टूल के रूप में इस्तेमाल करती दिख सकती है?

2. संजय निषाद का मकसद क्या है?

यूपी में विधानसभा चुनाव के लिये राजनीतिक पार्टियों में गठबंधन के लिए अलग अलग तरह के प्रयास भी किये ही जा रहे हैं. भाजपा और निषाद पार्टी का गठबंधन भी इन्हीं प्रयासों का हासिल था. निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद एमएलसी भी बनाए गए भाजपा के समर्थन से. गठबंधन का औपचारिक एलान भी हुआ. अमित शाह से मुलाकात भी. अब ख़बर ये आई है कि संजय निषाद ने निषाद आरक्षण को लेकर भाजपा  के सामने शर्त रखी है कि अगर आरक्षण पर कोई फैसला नहीं लिया जाता तो उनकी पार्टी पोल बायकॉट करेगी. संजय निषाद का ये ऐलान थोड़ा कंफ्यूजन पैदा करता है कि भई गठबंधन का ऐलान भी कर दिया उस पार्टी के साथ, फिर मांग न मानने की सूरत में पोल बायकॉट का ऐलान भी? फिर इस गठबंधन से भाजपा को क्या फायदा? और इसके पीछे संजय निषाद का मकसद क्या है?

3. शास्त्री और कोहली की कैसी रही जोड़ी?

क्रिकेट की हिंदी कमेंट्री सुनने वालों ने वो वाक्य तो सुना ही होगा अक्सर. ' अब बस औपचारिकता ही रह गई है. 'ये वाक्य अमूमन तब प्रयोग में आता है जब किसी एक टीम की स्थिति बहुत मजबूत हो जाए मैच में, दूसरी टीम का हारना तय हो. भारत कल टी20 विश्वकप 2021 में अपना आख़िरी मैच टी20 विश्वकप 2021 की ऐसी ही कुछ औपचारिकता को निभाने के लिए खेलने उतरा था. नामीबिया के खिलाफ ये मैच भारत के लिए बड़ा आसान रहा. 135 रन के लक्ष्य का पीछा टीम ने एक विकेट गंवा कर चार ओवर बचा कर ही कर लिया.

लेकिन टी20 विश्वकप में सेमीज की होड़ से भारत बाहर भी हुआ. शुरुआती दो मुकाबले पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से हारने के बाद ये स्थिति बन गई थी. और तबसे ही लगभग ये कहा जाने लगा था कि  'अब तो औपचारिकता ही बची है बस'.बहरहाल, इसके अलावा विराट कोहली का बतौर टी20 कप्तान ये आखिरी मैच रहा. विराट ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वो टी20 विश्वकप के बाद टी20 की कप्तानी छोड़ देंगे. रवि शास्त्री का बतौर मुख्य कोच भी सफर खत्म हुआ. राहुल द्रविड़ नये कोच बना दिये गए हैं. भारत ने पिछले कई बरस मुख्य कोच और कप्तान कि जोड़ी के रूप में रवि शास्त्री और विराट को ही देखा है. तो इनकी जुगलबंदी कैसी रही? भारतीय क्रिकेट किस तरह से बदला ख़ास कर टी20 फॉर्मेट इनके नेतृत्व में?

9 नवंबर 2021 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें

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