scorecardresearch
 

आज का दिनः चन्नी सरकार का पंजाबियों को आरक्षण राज्य के हित में है या है चुनावी स्टंट?

प्राइवेट नौकरियों में पंजाब के लोगों को 75 फ़ीसदी आरक्षण देना चन्नी सरकार के लिए मुश्किल तो नहीं बढ़ा देगा? अनाथालयों में क्यों ज़्यादा हैं लड़कियां? अहमदाबाद में क्यों पब्लिक प्लेस पर फ़ूड स्टॉल लगाने पर पाबंदी लगी? और क्या है CAATSA प्रतिबंध जो अमेरिका भारत पर लगा सकता है. सुनिए आजतक रेडियो पर...

Advertisement
X
चरणजीत सिंह चन्नी (फाइल फोटो)
चरणजीत सिंह चन्नी (फाइल फोटो)

प्राइवेट नौकरियों में पंजाब के लोगों को 75 फ़ीसदी आरक्षण देना चन्नी सरकार के लिए मुश्किल तो नहीं बढ़ा देगा? अनाथालयों में क्यों ज़्यादा हैं लड़कियां? अहमदाबाद में क्यों पब्लिक प्लेस पर फ़ूड स्टॉल लगाने पर पाबंदी लगी? और क्या है CAATSA प्रतिबंध जो अमेरिका भारत पर लगा सकता है. सुनिए आजतक रेडियो पर...

आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’, जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों की सुर्ख़ियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं.

1. आरक्षण से चन्नी सरकार पर कितना दबाव बढ़ेगा?

जाति आधारित आरक्षण तो है ही देश में लेकिन अब इन दिनों राज्य सरकारों ने नए तरह का आरक्षण इंट्रोड्यूस कर दिया है.  और वो ये कि राज्य प्राइवेट और सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण देंगे. कुछ हफ्ते पहले की ही बात है जब हरियाणा सरकार ने घोषणा की कि वह हरियाणा के लोगों को सरकारी नौकरी में 75 फीसदी आरक्षण देगी. अब इस घोषणा के 15 दिन भी पूरे नहीं हुए थे कि उनके पड़ोसी राज्य पंजाब से भी कल ख़बर आई  कि पंजाब सरकार प्राइवेट नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75 परसेंट आरक्षण देने पर विचार कर रही है. पंजाब सरकार के मंत्री परगट सिंह ने तो ये तक दावा किया है कि प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण का कानून पहले से ही है। तो अब सवाल यहां ये खड़ा होता है कि अगर यह कानून पहले से ही है तो अब तक इसे किसी ने लागू क्यों नहीं किया? चन्नी सरकार पर क्या इसे लेकर सवाल उठेंगे और इससे राज्य के कोष पर कितना दबाव बढ़ेगा?

Advertisement

2. अनाथालयों में क्यों ज़्यादा हैं लड़कियां? 

बीते दिनों सूचना के अधिकार के ज़रिए सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी से मांगी गई एक जानकारी में पाया गया कि देशभर के अनाथाश्रमों में 1032 लड़कों के मुक़ाबले 1432 लड़कियां गोद लेने के लिए उपलब्ध हैं. यानि अनाथालयों में लड़कियों को ज्यादा संख्या में लोग छोड़ कर जा रहे हैं, और यूँ भी कह लें कि लड़कियों को अडॉप्ट करने से भी लोग परहेज़ कर रहे हैं. इक्कीसवीं सदी में पढ़े लिखे समाज से ये आंकड़े थोड़ा सा चौंकाते तो हैं ही. तो ऐसे निराशाजनक आंकड़ों की वजहें क्या हैं?
 
3. अहमदाबाद में पब्लिक प्लेस में नॉन वेज बेचने पर पाबंदी का क्या असर?

अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने कहा है कि धार्मिक जगह,  गार्डन, स्कूल कॉलेज के साथ किसी भी पब्लिक प्लेस पर अब खुले में फ़ूड स्टॉल नहीं लगाया जा सकेगा. म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के इस आदेश में अंडे- मांस मछली पर विशेष पाबंदी का जिक्र है. विपक्ष म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के इस फैसले से ख़ासा क्षुब्ध दिखाई दे रहा है. कांग्रेस नेता दिनेश शर्मा ने इस फैसले को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाया कि चुनाव आते ही बीजेपी धर्म की राजनीति करने लगती है. इससे पहले गुजरात के ही राजकोट, वडोदरा, जूनागढ़ और भावनगर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने खुले में अंडे और नॉनवेज की बिक्री के स्टॉल पर रोक लगा दी थी, और अब अहमदाबाद ने भी यही लीक अपना ली है. नगर निगम के इस फैसले का विरोध भी हो रहा है. ख़ास कर नॉन वेज या अंडे को खुले में बेचने पर लगाई गई पाबंदी को लोग अपनी आजीविका से भी जोड़कर देख रहे हैं.  लोग इससे कैसे प्रभावित होंगे? इस पर विपक्ष की आपत्ति क्या है?

Advertisement

 
4. क्या है CAATSA प्रतिबंध?

भारत ने अक्टूबर 2018 में पांच एस-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद के लिए रूस के साथ करार किया था लेकिन फिर पेमेंट में देरी होती रही और डिलीवरी की भी थोड़ा खिसकती चली गई लेकिन अब जब इसकी डिलीवरी होने लगी है तो जैसा कि पहले से आसार थे, अमेरिका ने भारत को ऊँगली दिखानी शुरू कर दी है, कि हमने इसे रूस से क्यों खरीदा. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि भारत को ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेक्शन एक्ट’ यानी (CAATSA) का सम्मान करना चाहिए. तो क्या है इस एक्ट में और रूस से खरीद के बदले क्या वाक़ई भारत को अमेरिका के सैंक्शन झेलने होंगे? 

16 नवंबर 2021 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Advertisement
Advertisement