विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस समय लंदन में हैं. उन्होंने यहां चैथम हाउस थिंक टैंक में एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया. लेकिन इस कार्यक्रम के बाद जैसे ही वह अपनी कार की तरफ बढ़े. वहां पहले से विरोध कर रहे खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें देखकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने अपने बयान से एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है. लेकिन इस बार उनके निशाने पर भाजपा या उसका कोई नेता नहीं, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हैं. अय्यर ने राजीव गांधी की शैक्षणिक योग्यता पर टिप्पणी करके जहां कांग्रेस को परेशान कर दिया, वहीं भाजपा को कटाक्ष करने का मौका दे दिया. पढ़िए आज सुबह की 5 बड़ी खबरें...
1) लंदन में खालिस्तानी समर्थकों का हंगामा, जयशंकर की कार रोकने की कोशिश, तिरंगा फाड़ा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस समय लंदन में हैं. उन्होंने यहां चैथम हाउस थिंक टैंक में एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया. लेकिन इस कार्यक्रम के बाद जैसे ही वह अपनी कार की तरफ बढ़े. वहां पहले से विरोध कर रहे खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें देखकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने अपने बयान से एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है. लेकिन इस बार उनके निशाने पर भाजपा या उसका कोई नेता नहीं, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हैं. अय्यर ने राजीव गांधी की शैक्षणिक योग्यता पर टिप्पणी करके जहां कांग्रेस को परेशान कर दिया, वहीं भाजपा को कटाक्ष करने का मौका दे दिया.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लंदन में कहा है कि पाकिस्तान ने भारत से जो हिस्सा (POK) चुराया है, अब उसकी वापसी का इंतजार है. उस हिस्से के भारत में शामिल होते ही जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह से शांति स्थापित हो जाएगी.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ के मसले पर दूरगामी फैसले लेने के बाद अब फिर से इजरायल के एजेंडे पर लौट आए हैं. ट्रंप ने गाजा में बंधक बनाकर रखे इजरालियों को वापस करने के लिए हमास को सख्त और आखिरी चेतावनी दी है.
5) 'ट्रंप की फॉरेन पॉलिसी कारोबार जैसी, फायदे के लिए बदलते रहेंगे...', बोले फरीद जकारिया
जाने-माने पत्रकार और जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट फरीद जकारिया का कहना है कि ट्रंप अपने फायदे के हिसाब से एजेंडा तय करते हैं और अपनी सहूलियत के हिसाब से समय-समय पर उन्हें बदलते रहते हैं. ट्रंप चूंकि कारोबारी मिजाज के शख्स हैं तो वह हमेशा यह देखते हैं कि उन्हें कहां से लाभ हो रहा है ताकि वह अपने हिसाब से वहां दबाव बना सकें. ट्रंप सामने वाले को हार या जीत का ऑप्शन नहीं देते. वह हमेशा जीतते हैं और सामने वाला हारता है.