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आज का दिन: कभी BJP की तारीफ करने वाले KCR अब इसके खिलाफ विपक्ष को एकजुट क्यों करने लगे?

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव महाराष्ट्र पहुंचे, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की. वहीं कल पंजाब में 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव थे, सो चुनावी माहौल पहले से ही टाइट था.. कि इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया का एक बयान सामने आया.

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर (फाइल फोटो)
तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर (फाइल फोटो)

आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’, जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों की सुर्ख़ियाँ और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं.  

पिछले साल नवंबर के आखिरी दिनों में एक राजनीतिक मुलाकात टॉक ऑफ द टाउन बनी थी. वो मुलाकात थी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की. कहा गया कि 2024 लोक सभा चुनाव के लिए तैयारी अभी से शुरू हो गई हैं. ममता सारे विपक्षी दलों को एकजुट करने में लग गई हैं, जिससे बीजेपी के ख़िलाफ एक तीसरा मोर्चा खड़ा किया जा सके, जो उसे आने वाले लोकसभा चुनाव में चुनौती दे. बहरहाल, इस मुलाकात को अब दो महीने से उपर हो चुके हैं और ये हलचल भी लगभग शांत ही हो चुकी थी. लेकिन कल हुई एक और राजनीतिक मुलाकात ने तीसरे मोर्चे की बहस को वापस से छेड़ दिया. कल तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव महाराष्ट्र पहुंचे, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और विपक्षी दलों को बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने को कहा. कुछ रोज़ पहले भी के. चंद्रशेखर राव चर्चा में आए थे जब उन्होंने खुले मंच से बीजेपी को चुनौती दी थी. लेकिन यहां एक बात बड़ी दिलचस्प है, और वो ये कि 2016 में ही चंद्रशेखर राव ने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा था कि पिछले 40 सालों में उन्होंने मोदी सरकार की तरह भ्रष्टाचार मुक्त सरकार नहीं देखी, यहां तक की कोविड मैनेजमेंट के लिए भी उन्होंने केंद्र सरकार की तारीफ की थी और जब कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के खिलाफ खड़े थे तो उस वक्त भी चंद्रशेखर राव केंद्र सरकार के साथ खड़े दिखाई दिए थे. लेकिन अब अचानक से उनका मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करना क्या दर्शाता है और उनकी रणनीति ममता बनर्जी से कितनी अलग मालूम पड़ती है?

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कल पंजाब में 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव थे, सो चुनावी माहौल पहले से ही टाइट था.. कि इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया का एक बयान सामने आया... कि चुनाव के बाद शिरोमणि अकाली दल बीजेपी के साथ गठबंधन पर विचार करेगी. अब इतना होना था कि इस ख़बर को लेकर चर्चा शुरू हो गई. अकाली दल के नेता गुरबचन सिंह ने भी इस ओर संकेत दिए. हालांकि, पार्टी के आलाकमान की ओर से इसपर कोई बयान नहीं आया है.  सितंबर 2020 में ही कृषि कानून के मुद्दे पर अकाली दल, बीजेपी से अलग हो गई थी, और बसपा के साथ मिलकर इस दफा पंजाब चुनाव लड़ी है. बीजेपी की बात करें तो वो अकाली दल पर ये आरोप लगाती आयी है कि उसने बीजेपी के किसी सिख नेता को पंजाब में उभरने नहीं दिया. वहीं, अकाली दल भी बीजेपी पर विश्वासघात करने का आरोप लगाती है. तो अब इनसब के बीच सवाल ये है कि जब चुनाव चल रहे थे उसी दौरान विक्रम मजीठिया के इस बयान को किस तरह देखा जाए?

रूस-यूक्रेन विवाद का जब भी ज़िक्र होता है तो उसमें अमेरिका और नाटो का भी नाम आ ही जाता है. क्योंकि जब से ये कांन्फ्लिक्ट शुरू हुआ है तब से अमेरिका और नाटो लगातार खुद को यूक्रेन के साथ बता रहे हैं, इस मसले पर बैठकें कर रहे हैं, रूस के खिलाफ फोर्सेज भेजने की बात कर रहे हैं. माने खुद को फ्रंटफूट पर दिखाने की पूरी कोशिश है दोनों की. लेकिन इन सब के बावजूद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दिमिर जेलेंस्की के एक बयान ने दोनों को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है. दरअसल, जेलेंस्की ने अपने एक बयान में कहा कि उनके सहयोगी देश रूस के खिलाफ प्रतिबंध जैसे कदम क्यों नहीं उठा रहे हैं, क्या उन्हें इस बात का इंतजार है कि रूस अब यूक्रेन पर हमला कर दे? जेलेंस्की के इस बयान पर अमेरिका या नाटो ने अभी तक कोई रिएक्शन नहीं दिया है. लेकिन अब ये सवाल जरूर उठने लगे हैं कि क्या यूक्रेन का उसके सहयोगी देश पर से भरोसा कम होने लगा है, जो उसके साथ होने की दलील देते हैं?

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कल भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज़ का तीसरा और आख़िरी मैच खेला गया जिसे भारतीय टीम ने 17 रनों से जीत लिया. वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया जिसके बाद टीम इंडिया ने सूर्यकुमार यादव के 65 और वेंकटेश अय्यर के 35 रनों की पारी के बदौलत स्कोर बोर्ड पर 185 रन टांग डाले. उधर लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम अपने बाकी मैचों की तरह ही ढ़ीली दिखाई पड़ी. निकोलस पूरन के अलावा कोई भी बल्लेबाज़ क्रीज़ पर टिकता नहीं दिखा. टीम 20 ओवर में 167 रन ही बना सकी और 17 रनों से मैच हार गई. शार्दुल ठाकुर और हर्षल पटेल ने तीन तो वहीं वेंकटेश अय्यर ने दो विकेट अपने खाते में डाले और इस जीत के साथ ही टीम इंडिया अब टी 20 में दुनिया की नंबर 1 टीम बन गई है. बहरहाल T-20 फॉर्मेट में वेस्टइंडीज जिस बल्लेबाजी के दम पर सामने वाली टीम को पटखनी देने का माद्दा रखती है, इस सीरीज़ में वही उसके लिए वीक प्वाइंट बन कर सामने आया? इन ख़बरों पर विस्तार से चर्चा के अलावा ताज़ा हेडलाइंस, देश-विदेश के अख़बारों से सुर्खियां, आज के इतिहास की अहमियत सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.

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