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कृषि बिल पर बड़ी हुई लड़ाई, 25 सितंबर के बंद को 31 किसान संगठनों का समर्थन

कृषि बिल के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी किसानों के साथ दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन करेगी. आम आदमी पार्टी ने पंजाब में 25 सितंबर को किसानों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने और इसमें शामिल होने का ऐलान किया है.

कृषि बिल के खिलाफ 25 को पंजाब बंद का ऐलान (फाइल-पीटीआई) कृषि बिल के खिलाफ 25 को पंजाब बंद का ऐलान (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • AIKSCC का 25 सितंबर को पंजाब बंद का आह्वान
  • आम आदमी पार्टी का पंजाब बंद को समर्थन का ऐलान
  • 25 सितंबर को 3 घंटे 'चक्का जाम' करेगा अकाली दल

कृषि बिल के खिलाफ किसानों का विरोध बढ़ता ही जा रहा है. अब 25 सितंबर को कृषि बिल के खिलाफ किसानों की ओर से पंजाब बंद के आह्वान को किसानों से जुड़े 31 संगठन ने समर्थन देने का ऐलान किया है.

अखिल भारतीय किसान संघर्ष को-आर्डिनेशन कमेटी (AIKSCC) की पंजाब इकाई ने पंजाब बंद का आह्वान किया है. को-आर्डिनेशन कमेटी पंजाब बंद को सफल बनाने के अभियान में जुट गई है. उसके इस अभियान में बड़ी कामयाबी तब मिली जब 31 किसान संगठनों ने भी उसका समर्थन करने का ऐलान कर दिया. कमेटी का कहना है कि किसान कृषि बिल को स्वीकार नहीं करेंगे. 

कृषि बिल के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) किसानों के साथ दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन करेगी. आम आदमी पार्टी ने पंजाब में 25 सितंबर को किसानों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने और इसमें शामिल होने का ऐलान किया है.

3 घंटे का चक्का जाम
इस बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किए गए 3 कृषि विधेयकों के विरोध में मंगलवार को ऐलान किया कि वह पूरे पंजाब में 25 सितंबर को 3 घंटे तक 'चक्का जाम' रखेगा. अकाली दल के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री दलजीत चीमा ने कहा कि वरिष्ठ नेता अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे.

अकाली दल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का लंबे समय से सहयोगी है. अकाली दल की लोकसभा सांसद और सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल तीनों विधेयकों के विरोध में 17 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे चुकी हैं.

सरकार बहुमत के नशे में चूरः भाकियू 
कृषि बिल के खिलाफ किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. संसद में पारित किए गए 3 कृषि बिलों के विरोध में पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने प्रदर्शन किया. मुजफ्फरनगर में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार बहुमत के नशे में चूर है.

साथ ही राकेश टिकैत ने चेतावनी दी कि भारतीय किसान यूनियन किसानों के हक की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ेगी. सरकार अगर हठधर्मिता पर अडिग है तो किसान भी पीछे हटने वाला नहीं. 25 सितंबर को पूरे देश का किसान इन कृषि बिलों के विरोध में सड़क पर उतरेगा, जब तक कोई समझौता नहीं होगा तब तक पूरे देश का किसान सड़कों पर रहेगा.


 

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