मालेगांव धमाके का फैसला 16 साल, 10 महीने, 2 दिन के अंतराल के बाद आया है. इस फैसले में सात आरोपी निर्दोष साबित हुए हैं, जिसके बाद उनके पक्ष के लोग जश्न मना रहे हैं. वहीं, जिन छह लोगों ने इस धमाके में अपनी जान गंवाई, उनके परिजन पूछते हैं कि “सवाल सातों आरोपी निर्दोष तो मालेगांव में धमाका फिर किसने किया था?” एनआईए की स्पेशल कोर्ट का फैसला कहता है कि जांच एजेंसियां 17 साल बाद भी यह पता नहीं लगा पाईं कि इन छह नागरिकों की जान लेने वाला कौन है.