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राहुल ने सामने छलका महाराष्ट्र सांसदों का दर्द

सोमवार को राहुल गांधी ने सामने महाराष्ट्र के कांग्रेसी सांसदों का दर्द छलक आया. दिल्ली में राहुल ने महाराष्ट्र कांग्रेस सांसदों के साथ बैठक की तो सबने एक सुर में कहा कि अब एनसीपी के साथ गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ा जाए. राहुल ने सीधा तो कोई उत्तर नहीं दिया लेकिन ये जरूर कहा कि गठबंधन के साथ कैसे चला जाये ये तय करना जरूरी है.

सोमवार को राहुल गांधी ने सामने महाराष्ट्र के कांग्रेसी सांसदों का दर्द छलक आया. दिल्ली में राहुल ने महाराष्ट्र कांग्रेस सांसदों के साथ बैठक की तो सबने एक सुर में कहा कि अब एनसीपी के साथ गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ा जाए. राहुल ने सीधा तो कोई उत्तर नहीं दिया लेकिन ये जरूर कहा कि गठबंधन के साथ कैसे चला जाये ये तय करना जरूरी है.

सांसदों ने इस बात की शिकायत की कि सत्ता तो कांग्रेस सरकार के नाम पर है और मलाई एनसीपी खा रही है. सांसदों ने ये भी कहा कि अब एनसीपी के साथ गठबंधन को लेकर सोचा जाना चाहिये क्योकि एनसीपी बार-बार बांह मरोड़ देती है. कुछ सांसदों ने कहा कि एनसीपी एन चुनाव से पहले ही कांग्रेस से ज्यादा सीटे मांग सकती है.
लोकसभा चुनाव के बाद एनसीपी नाता तोड़कर अलग विधानसभा चुनाव लड़ सकती है इसलिए कांग्रेस को सारी सीटों पर तैयारी करनी चाहिये.

दरअसल महाराषट्र में अभी लोकसभा की 48 सीटों में से कांग्रेस 26 पर और एनसीपी 22 पर चुनाव लड़ती है. इसी तरह विधानसभा की 288 सीटों में से 171 पर कांग्रेस और 117 पर एनसीपी चुनाव लड़ती है.

एनसीपी लंबे समय से सीटों का तालमेल बदलने की मांग करती रही है. लेकिन खुलकर अभी कुछ कहना नहीं चाहती.

सांसदो की बैठक में कई ने ये भी शिकायत की कि राज्य में सात साल से निगमों और बोर्डो में पद नहीं भरे गये हैं और कांग्रेस अपने विरोधियों पर आक्रामक वार नहीं करती. कुछ ने ये भी कहा कि प्रदेशाध्यक्ष माणिकराव ठाकरे की कार्यशैली सही नहीं है तो मुंबई के सांसदो ने पिछले आठ महीने से खाली मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद भरे जाने की मांग की.

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