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जश्न-ए-दीवाली लिखकर दी जा रही थीं शुभकामनाएं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने किया विरोध

जश्न-ए-दीवाली लिखा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. एमएनएस महेंद्र भानुशाली का कहना है कि ये हिंदू त्योहारों का मजाक उड़ाने की साजिश है. जश्न-ए- दिवाली का इस्तेमाल दिवाली की शुभकामनाएं देने के लिए किया गया है, जो की ठीक नहीं है. हैप्पी दिवाली लिखा होता तो समझा जा सकता है.

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जश्न ए दीवाली लिखने पर मचा बवाल
जश्न ए दीवाली लिखने पर मचा बवाल

मुंबई में दिवाली से जुड़े वीडियो मैसेज के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हंगामा मचा गया. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मुंबई-कुर्ला फीनिक्स मॉल पहुंची और विरोध किया. इसके बाद वीडियो में जिस कंटेट को लेकर विवाद था, वह हटा दिया गया. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का कहना है कि यह हिंदू त्योहारों को बदनाम करने के लिए किया गया है. 

दरअसल, फीनिक्स मॉल में रंग-बिरंगी लाइटों से जश्न-ए-दीवाली लिखा गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था. देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मुंबई-कुर्ला की नजर इस पर गई. 

'हिंदू त्योहार को बदनाम किया जा रहा'

इसके बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के लोग फीनिक्स मॉल पहुंचे और जश्न-ए-दीवाली मैसेज का विरोध करने लगे. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना चांदीवली डिवीजन प्रमुख एमएनएस महेंद्र भानुशाली ने आरोप लगाया कि जश्न-ए-दिवाली जैसी उर्दू में शुभकामनाएं देकर हिंदू त्योहार को बदनाम किया जा रहा है.

'हैप्पी दिवाली लिखा होता तो ठीक भी है'

महेंद्र भानुशाली का कहना है कि ये हिंदू त्योहारों का मजाक उड़ाने की साजिश है. जश्न ए दिवाली का इस्तेमाल दिवाली की शुभकामनाएं देने के लिए किया गया है. हैप्पी दिवाली लिखा होता तो समझा जा सकता है. कभी मुस्लिम त्योहार के नाम से पहले जय श्री राम ईद मुबारक या जय श्री राम मैरी क्रिसमस कभी नहीं लिखा जाता. 

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जश्न-ए दिवाली लिखे जाने पर मचा बवाल

सेना ने मॉल के कर्मचारियों से कहा हम किसी धर्म का अपमान नहीं करते है. विरोध के चलते दिवाली के मैसेज के आगे के शब्द जश्न-ए को हटाया गया. 

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने किया विरोध

महेंद्र भानुशाली के विरोध का ये वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. भानुशाली ने कहा कि दिवाली के साथ उर्दू नाम जोड़ना एक विकृत मानसिकता है. वहीं, इसके अलावा दिवाली पर जश्न-ए-रोशनी को लेकर भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार और FSSAI मिलकर जश्न-ए-रोशनी का आयोजन कर रहे हैं. इसके सोशल मीडिया पर वायरल होते ही FSSAI ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि यह जानकारी फेक है.

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