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शिवसेना का बीजेपी पर हमला, सामना में लिखा- चीन को लेकर क्या है योजना?

संपादकीय में लिखा है कि प्रधानमंत्री के संबोधन में पाकिस्तान का जिक्र होता है. चीन का उनके संबोधन में कभी जिक्र नहीं हुआ. तंज करते हुए संपादकीय में आगे लिखा है कि सारी आक्रामकता पाकिस्तान के लिए ही है.

सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत (फाइल फोटो सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत (फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम के संबोधन में चीन का जिक्र नहीं: शिवसेना
  • किया तंज- सारी आक्रामकता पाकिस्तान के लिए
  • असली मुद्दों पर नहीं बोल रहे बीजेपी के नेता

महाराष्ट्र में कोरोना की रफ्तार तेज होने के साथ सियासत भी तेज हो गई है. लंबे समय तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल रही शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच सियासी वार-पलटवार चल रहा है. शिवसेना ने बीएमसी से भगवा उतारने के बयान को प्रखर हिंदुत्व का अपमान बताया था. अब एकबार फिर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय के जरिए बीजेपी पर हमला बोला है.

शिवसेना ने चीन के साथ चल रहे गतिरोध और इसे हैंडल किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. सामना के संपादकीय में लिखा है कि चीन ने भारत और भूटान की सीमा पर स्थित एक गांव में प्रवेश किया है. अब चीन, भारत के हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने की योजना बना रहा है. सामना के संपादकीय के जरिए शिवसेना ने सवाल किया है कि सरकार इसे लेकर क्या योजना बना रही है?

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सामना के संपादकीय में पीएम मोदी पर भी तीखा हमला बोला है. संपादकीय में लिखा है कि प्रधानमंत्री के संबोधन में पाकिस्तान का जिक्र होता है. चीन का उनके संबोधन में कभी जिक्र नहीं हुआ. तंज करते हुए संपादकीय में आगे लिखा है कि सारी आक्रामकता पाकिस्तान के लिए ही है. 

पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस के बयान का जिक्र करते हुए शिवसेना ने कहा है कि वे बयान दे रहे हैं कि इस चुनाव में बीएमसी पर बीजेपी का भगवा झंडा फहराया जाएगा. संपादकीय में इसे लेकर तंज करते हुए कहा गया है कि चिंता बीजेपी को करनी चाहिए. कश्मीर के लाल चौक पर लाल झंडा फहराना आज भी अपराध है.

सामना के संपादकीय में लिखा है कि चिंता उन्हें होनी चाहिए कि हमारी सरहदों पर चीन की ओर से लाल झंडा फहराया जा रहा है, इसे कैसे डाउन किया जाए. उन्हें यह चिंता करनी चाहिए कि कैसे शहीद सैनिकों की संख्या कम की जाए. लेकिन वे असली मुद्दों पर नहीं बोल रहे. गौरतलब है कि एक दिन पहले ही सामना के संपादकीय में बीएमसी से भगवा उतारकर असली भगवा फहराने संबंधी बयान को प्रखर हिंदुत्व का अपमान बताया गया था.

 

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