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साइरस पूनावाला के लिए भारत रत्न की मांग, शरद पवार बोले- उनके काम की करें सराहना

शरद पवार ने कोरोना संकट में वैक्सीन के क्षेत्र में भारत को दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने वाले सीरम इंस्टीट्यूट और इसके संस्थापक साइरस पूनावाला के काम की सराहना की. उन्होंने पूनावाला के लिए भारत रत्न की मांग की है और कहा कि सिर्फ पद्म श्री तक ही सीमित नहीं किया जाना चाहिए और उनके काम को और सराहने की जरूरत है.

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शरद पवार
शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार के प्रमुख शरद पवार ने वैक्सीन उत्पादन के क्षेत्र में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संस्थापक साइरस पूनावाला द्वारा किए गए कामों की सराहना की. महाराष्ट्र के पुणे में एक पुरस्कार समारोह के दौरान उन्होंने COVID-19 सहित विभिन्न बीमारियों से निपटने में SII की वैक्सीन के प्रभाव पर जोर दिया और पूनावाला के लिए भारत रत्न की मांग की.

शरद पवार ने कहा, "कोरोना संकट के दौरान पूरी दुनिया को सीरम वैक्सीन दी गई, खासकर अफ्रीकी देशों में जहां वैक्सीन की काफी जरूरत थी. सीरम इंस्टीट्यूट ने इसे बड़े पैमाने पर मुहैया कराया. वैक्सीन पहुंचाई गई और इसके लिए साइरस पूनावाला और उनकी टीम ने लोगों की सेवा का जिम्मा उठाया."

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'साइरस पूनावाला को दिया जाना चाहिए भारत रत्न'

भारत रत्न की मांग करते हुए शरद पवार ने कहा, "वैक्सीन के क्षेत्र में उनका (साइरस पूनावाला) का काम सबसे अहम और बड़ा काम है... उनके योगदान को देखते हुए सरकार को उन्हें पद्म भूषण तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि उन्हें भारत रत्न देना चाहिए, मेरी केंद्र सरकार से यही उम्मीद है... यह पुरस्कार साइरस पूनावाला को देना चाहिए..."

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शरद पवार ने कहा कि दुनियाभर में हर पांच में से तीन बच्चों को सीरम की वैक्सीन से फायदा हुआ. उन्होंने वैश्विक स्तर पर वैक्सीन की आपूर्ति करने में एसआईआई द्वारा निभाई गई भूमिका की भी सराहना की. खासतौर पर गरीब देशों को वैक्सीन मुहैया कराने में सीरम इंस्टीट्यूट के काम की सराहना की.

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'पूनावाला के काम को और सराहने की जरूरत'

शरद पवार ने भारत सरकार द्वारा पूनावाला को दी गई मान्यता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जहां पद्म श्री पुरस्कार दिए जाने की सराहना की गई, वहीं उनका मानना है कि पूनावाला के योगदान को और भी ज्यादा सराहने की जरूरत है. पवार ने वैश्विक, राष्ट्रीय और मानवीय पैमाने पर पूनावाला के काम के गहरे और दूरगामी प्रभाव पर जोर देते हुए केंद्र सरकार से उनके प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया.

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