मुंबई में हनुमान चालीसा पर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार को निर्दलीय सांसद नवनीत राणा को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके साथ ही उनपर पर सेडिशन (राजद्रोह) का मुकदमा लगाया गया है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा था कि इसमें राजद्रोह का मामला भी बनता है. क्योंकि राणा दंपति ने शिवसैनिकों को भड़काने का काम किया. इस वजह से लॉ एंड ऑर्डर गड़बड़ाया.
आपको बता दें कि मुंबई में नवनीत राणा अकेली आरोपी नहीं हैं जिन पर राजद्रोह का मुकदमा लगा हो. इससे पहले महाराष्ट्र में कई लोगों पर ये चार्ज लग चुका है. इसमें अभिनेत्री, कार्टूनिस्ट, स्टूडेंट और एल्गार परिषद शामिल हैं.
बता दें कि पिछले साल मुंबई पुलिस ने अभिनेत्री कंगना रनौत और उनक बहन पर एक ट्वीट करने के लेकर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था. आरोप लगाया था कि कंगना ने अपनी पोस्ट के जरिए लोगों को उकसाया और भड़काया था. इस मामले में कंगना के खिलाफ मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कराया गया था. कंगना ने इस केस को रद्द कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
साल 2020 में शिवसेना-भाजपा सरकार के कार्यकाल में CAA और NRC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को लेकर एक छात्र और एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) के कुछ सदस्यों पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था. हालांकि, ये केस भी बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा था. इसके बाद कोर्ट ने इसे लेकर पुलिस को चेतावनी भी दी थी.
राजद्रोह के मुकदमों की फेहरिस्त में एक और नाम शामिल है. वो है कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी का. बता दें कि साल 2012 में असीम त्रिवेदी पर देशद्रोह का मुकदमा लगाया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने भारत माता का कार्टून बनाकर लोगों की भावनाओं को आहत किया है.