गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया गया है. सिंगर अदनान सामी को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. हालांकि इसको लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने आपत्ति जाहिर की है. एमएनएस ने अदनान सामी को पद्म श्री सम्मान दिए जाने को लेकर सवाल उठाया है.
एमएनएस की सिनेमा इकाई के अध्यक्ष एमे खोपकर ने कहा है कि आखिर ऐसी क्या जल्दी हो गई कि भारत की नागरिकता लेने के 4 साल के भीतर ही सामी को पद्म श्री से नवाजा जा रहा है.
पद्म श्री पुरस्कार की घोषणा होने के बाद अदनान सामी ने भारत सरकार को शुक्रिया कहा है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए वह महान क्षण होता है, जब उसे उसकी सरकार पहचानती है. मैं बेहद खुश हूं और बहुत आभारी हूं कि मुझे पद्म श्री सम्मान दिया जा रहा है. मुझे संगीत की दुनिया काम करते हुए 34 साल हो गए. बहुत शुक्रिया.
दरअसल 1 जनवरी 2016 में ही अदनान सामी को भारतीय नागरिकता दी गई थी.
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ट्विटर यूजर को लगाई तलाड़
अदनान सामी के नाम की घोषणा होने के बाद एक ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि अरशद सामी खान 1965 की लड़ाई के हीरो थे पाकिस्तान के लिए. कई भारतीय एयरक्राफ्ट्स को उन्होंने हानी पहुंचाई. अब उनके बेटे अदनान को प् बधाई हो सर. इस ट्वीट का अदनान सामी ने पलटवार भी किया है.
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कितने अनपढ़ ऐसे लोग हो सकते हैं जो किसी एक व्यक्ति को उसके पिता के काम के आधार पर जज करें. वे अपनी लाइन ऑफ ड्यूटी पर थे, और अपने देश के लिए काम कर रहे थे. यह अंतर है. राजनीतिक एजेंडा साधने के लिए बेहतर होगा कि ऐसी बकवास बातें न करें.
How illiterate can ppl be who try to judge an individual by the acts of his late father (who too was acting in the line of duty for his country- there’s a difference!). To serve ur political agendas it would be better not to talk such nonsense!
Here’s how you really look!👇😁
— Adnan Sami (@AdnanSamiLive)
कब अदनान ने नागरिकता के लिए किया आवेदन?
पाकिस्तान के लाहौर में जन्मे अदनान सामी ने 26 मई 2015 को गृह मंत्रालय से अपील की थी कि एक साल की वैधता वाले पर्यटक वीजा पर 13 मार्च, 2001 को अदनान पहली बार भारत आए थे. यह वीजा उन्हें इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायुक्त ने जारी किया था.
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