एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने आजतक के मुंबई मंथन के कार्यक्रम में कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना हर रोज सामना में संपादकीय लिखकर बीजेपी के खिलाफ सवाल खड़ी करते हैं. जबकि वो सरकार में भी है. ऐसे में ये जनता के साथ धोखा है.
छगन भुजबल ने कहा कि शिवसेना को अगर सरकार की नीतियां नहीं पंसद आ रही है तो विपक्ष में रहकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाए. लेकिन ऐसा वो नहीं कर रही है. वह सरकार के साथ भी है और विरोध में भी. एक तरह से लोंगो को फंसाना है.
उन्होंने कहा कि आपस में मतभेद होने चाहिए. लेकिन शिवसेना जिस तरह से संपादकीय के जरिए मोदी और फडणवीस सरकार के खिलाफ लिखती है और बीजेपी जिस तरह से झेलती है. इसके लिए बीजेपी की तारीफ करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि हम जनता के साथ हैं और जनता सरकार के खिलाफ है. इन्होंने जनता से जो वादे किए थे उसे अब ये जुमला बता रहे हैं.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने शिवसेना-बीजेपी के रिश्ते पर कहा कि दोनों के पास कोई विकल्प नहीं है. इसीलिए ये दोनों साथ रहते हैं और झगड़ते भी है, लेकिन साथ ही रहेंगे. उन्होंने कहा कि हम भी एनसीपी के साथ मिलकर सरकार में रहें हैं, लेकिन इस तरह की हरकतें नहीं की है. जबकि हमारे अंदर भी मतभेद होते थे, पर उसे बैठकर हल करते थे.
चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस ने कभी बीजेपी की तरह जनता को बेवकूफ नहीं बनाया. जबकि बीजेपी नेता ने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस जब सरकार में थी तो इससे भी ज्यादा दोनों भी कटुता रही है. उन्होंने कहा कि जब अलग-अलग पार्टियां मिलकर सत्ता में आती हैं, तो कुछ मतभेद होते हैं.
उन्होंने कहा कि शिवसेना और हम मित्र हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि कोई टीका टिप्पणी नहीं होनी चाहिए. हमें जितना हो सके, ऐसी बातों से दूर रहें और सुचारू रूप से सरकार चलाएं. उन्होंने कहा कि 2019 में हम फिर एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे.