हिंगोली जिले के वसमत तहसील क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर नाबालिग लड़कियों की शादी के सवाल को खड़ा कर दिया है. कुरुंदा गांव की एक नाबालिग छात्रा ने साहस दिखाते हुए अपनी शादी रुकवा दी.
कुरुंदा गांव में जिला परिषद स्कूल में कक्षा दसवीं में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा के परिजन उसकी शादी 25 साल के युवक से तय कर चुके थे. शादी की तारीख 10 फरवरी रखी गई थी और तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी थीं. छात्रा पढ़ना चाहती थी, लेकिन परिवार उसकी बात सुनने को तैयार नहीं था.
नाबालिग छात्रा ने रुकवाई अपनी शादी
मजबूर होकर छात्रा ने अपने स्कूल के प्रिंसिपल को एक चिट्ठी लिखी. चिट्ठी में उसने लिखा कि वह पढ़ना चाहती है और शादी नहीं करना चाहती. उसने बताया कि उसके माता पिता और चचेरे भाई के कहने पर उसकी शादी जबरन तय की जा रही है. छात्रा ने यह भी लिखा कि उसकी उम्र महज 15 साल है और पूर्वाभ्यास परीक्षा चल रही है. उसने प्रिंसिपल से शादी रुकवाने की गुहार लगाई और अपना नाम गोपनीय रखने की अपील की.
इस चिट्ठी के सामने आते ही प्रशासन सतर्क हो गया. महिला एवं बाल कल्याण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रा के माता पिता को समझाया कि नाबालिग लड़की की शादी कराना कानूनन अपराध है. इसके बाद परिजनों ने शादी तोड़ दी.
चिट्ठी के सामने आते ही प्रशासन हुआ सतर्क
महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया कि छात्रा की शिकायत के आधार पर जांच की गई और कानूनी जानकारी देने के बाद शादी रुकवाई गई. फिलहाल छात्रा नियमित रूप से स्कूल जा रही है. यह मामला बेटियों को शिक्षा और अपने फैसले लेने के अधिकार की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आया है.