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औरंगाबाद अब संभाजी नगर... उस्मानाबाद का भी नाम बदला, सियासी संकट के बीच उद्धव का हिंदुत्व कार्ड

महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच उद्धव सरकार ने औरंगाबाद के नाम बदलने को मंजूरी दे दी है. औरंगाबाद को अब संभाजी नगर के नाम से जाना जाएगा. बुधवार को बुलाई गई कैबिनेट मीटिंग में इस पर मुहर लगाई गई.

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उद्धव सरकार ने नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. (फाइल फोटो) उद्धव सरकार ने नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • औरंगाबाद का नाम बदलने की शिवसेना की थी मांग
  • औरंगाबाद को संभाजी नगर ही बुलाते थे ठाकरे

महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच उद्धव सरकार ने बड़ा 'हिंदुत्व कार्ड' चला है. उद्धव सरकार ने औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम बदलने को मंजूरी दे दी है. अब औरंगाबाद को 'संभाजी नगर' और उस्मानाबाद को 'धाराशिव' के नाम से जाना जाएगा. 

औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर रखने की मांग शिवसेना लंबे समय से करती आ रही थी. शिवसेना और उद्धव ठाकरे अक्सर औरंगाबाद को संभाजी नगर कहकर ही संबोधित किया करते थे. वहीं, उस्मानाबाद का नाम भी धाराशिव की मांग शिवसेना की थी. 

हालांकि, कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के बाद शिवसेना की इन दोनों बातों को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिल रहा था. कांग्रेस अक्सर औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम बदलने पर आपत्ति जताती रहती थी. लेकिन अब जब महाराष्ट्र में सियासी संकट चल रहा है और उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व को साइडलाइन करने के आरोप लग रहे हैं, तब सरकार ने इन दोनों जगहों के नाम बदलने को मंजूरी दी है.

औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम बदलने के अलावा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम भी बदल दिया गया है. कैबिनेट ने इस एयरपोर्ट का नाम स्वर्गीय दिनकत बालू पाटिल रख दिया गया है. दिनकत बालू पाटिल किसान नेता और सांसद रहे हैं. 

कांग्रेस ने भी इनकी मांग

कैबिनेट मीटिंग में कांग्रेस ने कुछ जगहों और प्रोजेक्ट्स के नाम बदलने की मांग की है. कांग्रेस ने इस मीटिंग में पुणे का नाम राजमाता जिजाबाई के नाम पर जिजाऊ नगर रखने की मांग की थी. इसके अलावा कांग्रेस ने सेवरी न्हावा देवा ट्रांस हार्बर लिंक का नाम बदलकर बैरिस्टर एआर अंतुले रखने की मांग भी की थी. 

 

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