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मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना नेता संजय राउत ने खाई बाला साहेब की कसम

महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान के बीच शिवसेना नेता संजय राउत का बड़ा बयान आया है. संजय राउत ने कहा है कि बीजेपी ने चुनाव से पहले रोटेशन सीएम की बात कही थी. इसके लिए राउत ने बाला साहेब की कसम खाई है.

शिवसेना नेता संजय राउत (Photo- PTI) शिवसेना नेता संजय राउत (Photo- PTI)

  • शिवसेना नेता संजय राउत का बयान
  • रोटेशन सीएम की बात कही गई थी

महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान के बीच शिवसेना नेता संजय राउत का बड़ा बयान आया है. संजय राउत ने कहा है कि बीजेपी ने चुनाव से पहले रोटेशन सीएम की बात कही थी. इसके लिए राउत ने बाला साहेब की कसम खाई है. संजय राउत ने कहा कि जिस कमरे से बाला साहेब ने हमेशा हिंदुत्व को आशीर्वाद दिया, उस कमरे से हमेशा बाला साहेब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आशीर्वाद देते रहे.

संजय राउत ने कहा कि बाला साहेब के कमरे में बैठकर उद्धव ठाकरे और अमित शाह ने महाराष्ट्र की राजनीति पर चर्चा की थी. हमारे लिए वह कमरा मंदिर है. अगर कोई कहता है कि रोटेशनल सीएम पर बात नहीं हुई तो ये मंदिर, बाला साहेब और महाराष्ट्र का अपमान है. हम झूठ नहीं बोलेंगे, बाला साहेब की कसम खाकर. अगर आप इनकार कर रहे हैं तो बताइए बंद कमरे के अंदर क्या बात हुई थी.

राजनीति को बिजनेस नहीं बनाया: राउत

राउत ने कहा कि इस बार हम पिछड़े नहीं हट करे हैं. हमने कभी राजनीति को बिजनेस नहीं बनाया. यदि बैठकों में चर्चा नरेंद्र मोदी से होती, तो ऐसा नहीं होता. संजय राउत ने कहा, 'हर सभा में नरेंद्र मोदी कहते रहे फडणवीस सीएम होंगे. हर सभा में उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारा सीएम होगा, ऐसे में अमित शाह उस समय चुप क्यों थे. अब वे कुछ और कह रहे हैं, यह नैतिकता नहीं है.'

जानकारी मोदी जी को नहीं दी गई: राउत

राउन ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करते हैं. हालांकि, अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच बैठक में क्या कुछ चर्चा हुई यह बंद कमरे की बात है और हमें लगता है कि बैठक में हुई चर्चा की पूरी जानकारी मोदी जी को नहीं दी गई. अब अमित शाह कह रहे हैं कि कि बंद कमरे में हुई बैठक की जानकारी को सभी से नहीं बताया जा सकता. हम कहते हैं कि महाराष्ट्र के लोगों को मूर्ख मत बनाओ. अमित शाह अपनी बातों पर कायम रहे.'

संजय राउत ने कहा, 'मोदी जी प्रधानमंत्री हैं और हम उनका बहुत सम्मान करते हैं. उन्होंने बालासाहेब के साथ अलग व स्पेशल रिश्ता साझा किए हैं.  कुछ लोग चाहते हैं कि उद्धव और मोदी जी के बीच अच्छा रिश्ता टूट जाए और इसलिए मैं यह सारी जानकारी आपके सामने रख रहा हूं. अब अमित शाह स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि असल में क्या चर्चा हुई थी, लेकिन उन्हें हमें धमकी नहीं देनी चाहिए.'

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