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कंगना रनौत के दफ्तर पर चला बीएमसी का बुलडोजर, तोड़फोड़ के बाद आया कोर्ट से स्टे

कंगना रनौत को उद्धव सरकार से पंगा लेना महंगा पड़ गया है. बीएमसी ने बांद्रा वेस्ट के पाली हिल रोड पर स्थित कंगना रनौत के दफ्तर के अवैध निर्माण को तोड़ दिया है.

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को उद्धव सरकार से पंगा लेना महंगा पड़ गया है. बीएमसी ने बांद्रा वेस्ट के पाली हिल रोड पर स्थित कंगना रनौत के दफ्तर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. बीएमसी की टीम जेसीबी और मजदूरों के साथ कंगना रनौत के दफ्तर पहुंची और अवैध निर्माण को तोड़ा गया. बीएमसी की टीम लौट गई.

बीएमसी की इस कार्रवाई के खिलाफ कंगना रनौत ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्जी दायर की. कंगना रनौत की ओर से रिजवान सिद्दीकी ने अर्जी दाखिल की. कंगना रनौत के वकील रिजवान सिद्दीकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हो रहे हैं. कंगना की ओर से हाई कोर्ट की ओर से मार्च में जारी आदेश की दलील दी गई है, जिसके मुताबिक 30 सितंबर तक कोई प्रापर्टी नहीं तोड़ी जाएगी.

हाई कोर्ट ने लगाई बीएमसी की कार्रवाई पर रोक

कंगना रनौत की अर्जी पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है. हालांकि, कोर्ट ने जब रोक लगाने का आदेश जारी किया, तब तक बीएमसी की टीम दफ्तर को तोड़ने के बाद लौट चुकी थी. अब इस मामले में कल दोपहर 3 बजे सुनवाई होगी.

कंगना बोलीं- कोई अवैध निर्माण नहीं
इस बीच कंगना रनौत ने कहा कि मेरे घर में कोई अवैध निर्माण नहीं है, कोरोना के कारण सरकार ने भी 30 सितंबर तक किसी भी निर्माण को गिराने पर पर प्रतिबंध लगाया है, बॉलीवुड अब देख सकता है कि फासीवाद क्या होता है.

ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर अवैध निर्माण
बीएमसी अफसरों ने आजतक से कहा कि कंगना रनौत के दफ्तर के अंदर कई अवैध निर्माण किए गए हैं और इसलिए कार्रवाई की जा रही है. बीएमसी का दावा है कि ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर कई अवैध निर्माण किए गए हैं. इन्हें तोड़ने के लिए बीएमसी की टीम जेसीबी और मजदूरों की टीम लेकर पहुंची थी.

इस बीच कंगना रनौत ने ट्वीट करके बीएमसी कर्मियों की तुलना बाबर की सेना से की है और कहा कि ये मंदिर फिर से बनेगा. मैं कभी गलत नहीं थी और मेरे दुश्मन बार-बार साबित कर रहे हैं कि मेरा मुंबई अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) हो गया है.

कंगना के दफ्तर को एक और नोटिस
अवैध निर्माण को गिराने से पहले कंगना रनौत के दफ्तर को एक और नोटिस भेजा गया था. इसमें कहा गया कि कंगना रनौत ने अपने वकील के माध्यम से जो आवेदन दायर किया गया था, उसे खारिज कर दिया गया. इसके अलावा अभी भी कंगना रनौत ने बीएमसी नोटिस का जवाब नहीं दिया है, इसलिए उनका निर्माण अवैध है और उसे ध्वस्त किया जा सकता है.

बीएमसी की कार्रवाई का अंदेशा कंगना रनौत को पहले से है. इस वजह से कंगना ने आज सुबह ही ट्वीट करके कहा कि मेरे आने से पहले ही महाराष्ट्र सरकार और उनके गुंडे मेरे ऑफिस के बाहर पहुंच गए हैं और उसे गिराने की तैयारी कर रहे हैं. मैं वादा करती हूं कि महाराष्ट्र के सम्मान के लिए खून देने के लिए तैयार हूं. ये कुछ नहीं है, चाहे तो सबकुछ छीन सकते हो लेकिन मेरी भावनाएं लगातर ऊंची होती जाएंगी. 

बीएमसी ने चस्पा किया था नोटिस
कंगना रनौत के मुंबई से पहले ही मंगलवार को बीएमसी की ओर से उनके दफ्तर पर नोटिस चस्पा कर दिया गया था. बीएमसी का आरोप था कि कंगना के दफ्तर में कुछ निर्माण बिना किसी इजाजत के हुआ है, जिसमें कमरों का अलग इस्तेमाल, बॉथरूम का निर्माण, किचन का निर्माण जैसी बातें शामिल हैं.

हालांकि, कंगना रनौत की ओर से इसे बदले की कार्रवाई बताया गया और कहा गया कि उनका ऑफिस बीएमसी के द्वारा परमिशन लेने के बाद ही बना है. लेकिन शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार अपना रुख नरम नहीं कर रही है. इतना ही नहीं महाराष्ट्र सरकार अब ड्रग्स मामले में भी कंगना रनौत से पूछताछ कर सकती है.
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