scorecardresearch
 

महाराष्ट्रः कस्टडी में गुजरेगी अनिल देशमुख की दिवाली, वसूली केस में 6 नवंबर तक ED रिमांड

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 6 नवंबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टडी में भेजा गया है. सोमवार देर रात वसूली मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के पूर्व गृह मंत्री देशमुख को गिरफ्तार किया था.

X
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (File) महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (File)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वसूली मामले में प्रवर्तन निदेशालय का बड़ा एक्शन
  • जांच एजेंसी की 12 घंटे की पूछताछ के बाद कार्रवाई
  • कोर्ट का देशमुख को ईडी कस्टडी में भेजने का आदेश

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 6 नवंबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टडी में भेजा गया है. सोमवार देर रात वसूली मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के पूर्व गृह मंत्री देशमुख को गिरफ्तार किया था.

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से 12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने पाया कि अनिल देशमुख की तरफ से किसी भी सवाल पर संतोषजनक जवाब नहीं दिए गए. ऐसे में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और आज मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां पर उन्हें ईडी की कस्टडी में भेज दिया गया.

पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
अनिल देशमुख कल सोमवार को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर खुद ही ईडी के दफ्तर पहुंच गए थे. इससे पहले कई बार उन्हें ईडी द्वारा समन भेजा गया था, लेकिन पूछताछ में शामिल नहीं हुए. हालांकि सोमवार को वे खुद ही ईडी दफ्तर पहुंच गए और पूछताछ में शामिल हुए.

इसे भी क्लिक करें --- Explainer: किस केस में देशमुख की हुई गिरफ्तारी, 100 करोड़ की वसूली का क्या है पूरा मामला?

ईडी ने पूरे 12 घंटे तक देशमुख से सवाल-जवाब किए. लेकिन कोई भी जवाब ईडी को ठीक नहीं लगा, ऐसे में देशमुख की गिरफ्तारी हो गई. ईडी ने स्पष्ट कहा है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री ने जांच में सहयोग नहीं किया.

कहा जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले अनिल देशमुख का बयान भी दर्ज किया गया था. उन तमाम आरोपियों के बयान भी उनके सामने रखे गए थे जिनका इस अपराध में सक्रिय योगदान था. लेकिन अनिल देशमुख किसी भी सवाल पर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए. वे सिर्फ इन आरोपों का खंडन करते रहे. फिर ईडी ने अपनी जांच के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

क्या है मामला?
जिस मामले में अनिल देशमुख की गिरफ्तारी हुई है, उसी केस में राज्य करे पूर्व गृह मंत्री की पत्नी और बेटे से भी पूछताछ होनी है. इन्हें भी दो बार पूछताछ के लिए समन भेजा जा चुका है, लेकिन ईडी के यहां नहीं पहुंचे. 

इसी साल मार्च में परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस के कमिश्नर पद से हटा दिया गया और होमगार्ड का महानिदेशक बना दिया गया. इसके बाद परमबीर सिंह की एक चिट्ठी सामने आई जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखी थी.

इस चिट्ठी में पूर्व कमिश्नर ने दावा किया था कि अनिल देशमुख ने गृह मंत्री रहते हर महीने सचिन वाझे से 100 करोड़ रुपये देने की मांग की थी. इसके साथ ही देशमुख पर ये भी आरोप लगाया गया था कि वो पुलिस अधिकारियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग के एवज में पैसा लेते हैं.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें