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'NCB ड्रग्स और तंबाकू में फर्क तक नहीं कर पाती', बोले महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक

ड्रग्स केस पर हो रही राजनीति के बीच महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) ने केंद्र सरकार पर हमला किया. वह बोले कि मुझे राजनीतिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा है.

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नवाब मलिक ने NCB पर निशाना साधा
  • नवाब मलिक ने दामाद समीर खान का बचाव किया

ड्रग्स केस पर हो रही राजनीति के बीच महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने आज नॉर्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और केंद्र सरकार पर हमला बोला. प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वह बोले कि मुझे राजनीतिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने अपने दामाद (समीर खान) का भी जिक्र किया और बोले कि बीजेपी ने उनको ड्रग्स मामले में फंसाने की कोशिश की. उन्होंने यह तक कहा कि NCB जैसी बड़ी एजेंसी तंबाकू और गांजे में फर्क नहीं कर पाती.

बता दें कि पिछले साल अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में शुरू हुई ड्रग्स की जांच के दौरान नवाब मलिक के दामाद समीर खान को भी एनसीबी ने ही गिरफ्तार किया था. कुछ दिनों पहले ही उसे जमानत मिल सकी है.

दरअसल, नवाब मलिक ने आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स केस में मनीष भानुशाली और केपी गोस्वामी के रोल पर सवाल खड़े किए थे, उन्होंने क्रूज पर पड़ी रेड को फर्जी तक करार दिया था. जिसके बाद उनको निशाने पर लिया गया था.

अब मलिक ने कहा कि बीजेपी नेता बोल रहे हैं कि मैं इस मामले पर इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि मेरे दामाद ड्रग्स स्मल्गर हैं. पूर्व सीएम तक ने यह कहा. लेकिन मैं बता दूं कि मेरे दामाद को 8 महीने बाद जमानत मिल चुकी है.

नवाब मलिक ने कहा कि जनवरी में शाहिस्ता फर्नीचरवाला के की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, बेंगलोर, मुच्छड़ पान वाले के यहां रेड हुई थी. रामपुर में भी छापा पड़ा, जिसका संबंध मेरे दामाद से बताया गया था.

NCB पर उठाए सवाल

नवाब मलिक ने कहा कि उनके दामाद को झूठे केस में फंसाया गया. वह बोले कि जिसे 200 किलो गांजा बताया गया था, बस साढ़े सात ग्राम मारिजुआना साहिस्ता फर्नीचरवाला के पास से मिला था. सीए रिपोर्ट में आया कि मिली चीज हर्बल तंबाकू है. सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि इतनी बड़ी एजेंसी NCB तंबाकू और गांजे में फर्क नहीं कर पाती है.

मलिक बोले मेरी जानकारी के मुताबिक, ऐसी एजेंसियों के पास एक इंस्टेंट टेस्टिंग किट होती है जिससे पता चल जाता है कि रिकवर हुई चीज NDPS एक्ट में कवर होने वाली चीज है या फिर नहीं. मलिक ने आगे आरोप लगाया कि कोर्ट की रिपोर्ट यह सब कहती है. इसके हिसाब से NCB ने लोगों को फ्रेम करने का काम किया.

 

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