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महाराष्ट्र: ब्लैक फंगस से जुड़ी दवाइयों की सप्लाई पर कोर्ट सख्त, केंद्र से 16 जून तक जवाब देने को कहा

ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाली दवाई की कई हिस्सों में शॉर्टेज चल रही है. इस मसले पर गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई.

ब्लैक फंगस की बीमारी ने देश में बढ़ाई चिंता (फाइल फोटो) ब्लैक फंगस की बीमारी ने देश में बढ़ाई चिंता (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच का सख्त रुख
  • केंद्र से दवाइयों की सप्लाई पर मांगा जवाब

कोरोना संकट के बीच ब्लैक फंगस बीमारी ने देश में चिंता को बढ़ा दिया है. ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाली दवाई की कई हिस्सों में शॉर्टेज चल रही है. इस मसले पर गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई. अदालत की ओर से कहा गया कि आप प्रिंसिपल बेंच के पास ये कहने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहे हैं कि औरंगाबाद बेंच इस मामले को ना सुने? 

दरअसल, सुनवाई की शुरुआत में अदालत को जानकारी दी गई कि बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच भी ब्लैक फंगस से जुड़े मसले को सुन रही है, ऐसे में इस सुनवाई को टाला जा सकता है. हालांकि, औरंगाबाद बेंच ने ऐसा करने से इनकार किया और ब्लैक फंगस के मरीजों के बारे में डिटेल जानकारी मांगी. 

अदालत की ओर से इस दौरान Amphotericin B की सप्लाई को लेकर चिंता व्यक्त की गई, अदालत ने कहा कि अगर शॉर्टेज रही तो ब्लैक फंगस के कारण होने वाली मौतों की संख्या कम नहीं होगी. सुनवाई के दौरान जब केंद्र की ओर से कुछ वक्त मांगा गया, तब अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि इस बात को सुनकर थक चुके हैं. अदालत ने अब 16 जून की सुनवाई में केंद्र से जवाब देने को कहा है.  

बता दें कि 16 जून की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता भी मौजूद होंगे. जस्टिस दत्ता उस वक्त औरंगाबाद बेंच के दौरा करेंगे, इसी दौरान जस्टिस देबद्वार रिटायर हो रहे हैं.

गौरतलब है कि ब्लैक फंगस के कारण बीते कुछ वक्त में कई मौतें दर्ज की गई हैं, महाराष्ट्र में भी इसके हजारों केस दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन इसके इलाज में काम आने वाली दवाई, इंजेक्शन की शॉर्टेज अभी भी जारी है. 


 

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