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MP: सोशल मीडिया पर डाला कानून विरोधी पोस्ट तो होगी सख्त कार्रवाई

मध्य प्रदेश में सोशल मीडिया पर कानून विरोधी पोस्ट डाले गए तो सख्त कार्रवाई होगी. मध्य प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है.

एमपी सरकार ने जारी किया आदेश (प्रतीकात्मक तस्वीर) एमपी सरकार ने जारी किया आदेश (प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गृह सचिव जारी कर सकेंगे नोटिस
  • राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
  • आतंक, यौन उत्पीड़न से संबंधित पोस्ट पर नजर

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार ने एक और बड़ा फैसला किया है. अब मध्य प्रदेश में सोशल मीडिया पर कानून विरोधी पोस्ट डाले गए तो सख्त कार्रवाई होगी. मध्य प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक गृह सचिव को नोटिस जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है.

बुधवार की देर शाम गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विधि विरुद्ध सामग्री के ऑनलाइन प्रसारण (Facebook, Instagram, Twitter या सोशल मीडिया के किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर) ऐसी सामग्री को अविलम्ब हटाने या निरयोग्य करने के लिए धारा 79 (3) (बी) के तहत नोटिस जारी करने के लिए गृह सचिव अधिकृत होंगे.

आतंक, यौन शोषण से जुड़े पोस्ट पर नजर

सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद अब गृह सचिव सीधे किसी भी सामग्री को हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कानूनी नोटिस जारी कर सकेंगे. यही नहीं, इसमें बाल यौन शोषण सामग्री (आईपीसी की धारा 292, 293), आतंकी गतिविधियों को प्रोत्साहन की जानकारी (यूएपीए की धारा 12), शस्त्र का अवैध विक्रय (Arms Act धारा 7), हिंसा को प्रोत्साहन (IPC की धारा 505), अस्पृश्यता से जुड़े अपराध (prevention of atrocity on SC/ST Act धारा 3) शामिल हैं.

साइबर अपराध (IPC धारा 364 D, 354 C, 507), आत्महत्या को प्रोत्साहन (IPC धारा 306, 309), अफ़वाहों का प्रसार (IPC धारा 505), भारत के नक़्शे का ग़लत चित्रण, बाल विवाह, वित्तीय धोखधड़ी, पशु क्रूरता, औषधियों का भ्रामक प्रचार, पटाखों की ऑनलाइन बिक्री आदि भी उस सूची में शामिल हैं जिनकी जानकारी निर्धारित फॉर्मेट प्राप्त होने पर सचिव गृह कानूनी नोटिस जारी कर सकेंगे. 

कोई भी कर सकेगा शिकायत

इस तरह के मामले में किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ कोई भी शिकायत करना चाहता है तो बेझिझक कर सकता है. शिकायतकर्ता को तय प्रारूप में अपनी शिकायत गृह सचिव से करनी पड़ेगी. इसके बाद विवादित सामग्री हटाने के लिए नोटिस दिया जाएगा.

 

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