विधानसभा स्पीकर ने कहा कि संविधान ने जो मुझे शक्तियां दी, उसका पालन करना जरूरी है. लोकतंत्र में ये विडंबना आ गई है कि जनता किस हेतु के लिए आपको चुनकर भेजती है और आने के बाद आप क्षेत्र को नजरअंदाज करते हैं और खुद के बारे में सोचते हैं.
विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने पर उन्होंने कहा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, तो मेरे पास इस्तीफा स्वीकर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं थी. बीजेपी द्वारा लगाए गए आरोप पर उन्होंने कहा कि किसी के आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. आज विधानसभा के सदन की कार्यवाही 2 बजे से शुरू होगी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सदन चलेगा.
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट करवाने का आदेश दिया. इससे पहले स्पीकर के द्वारा 26 मार्च तक सदन को स्थगित किया गया था, वहीं बागी 16 विधायकों के इस्तीफे भी स्वीकार नहीं किए थे. इसी के बाद बीजेपी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी और तुरंत फ्लोर टेस्ट की मांग की गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्पीकर को फटकार लगाई थी और 16 बागी विधायकों के इस्तीफे ना स्वीकारने का कारण पूछा. हालांकि, देर रात को स्पीकर ने सभी के इस्तीफे स्वीकारे जिसके बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई. अब कमलनाथ सरकार के पास सिर्फ 99 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा चाहिए.