दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन पर पूरे देश से शोक संदेश आ रहे हैं. वहीं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि ना देने पर विवाद खड़ा हो गया है. रविवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के सदन में शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि नहीं देने पर बीजेपी भड़क उठी. सदन के भीतर शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि ना देने पर बीजेपी विधायकों ने रविवार शाम को सदन से किया वॉकआउट कर दिया.
दरअसल, बीजेपी ने सदन में शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देने के साथ ही 5 मिनट के लिए सदन स्थगित करने की मांग की थी, जिसे स्पीकर ने यह कहकर ठुकरा दिया कि श्रद्धांजलि पहले कार्य सूची में लाई जाएगी. उसके बाद सोमवार को सदन में श्रद्धांजलि दी जाएगी.
स्वर्गीय शीला जी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबकी भलाई के लिए कार्यरत रहती थीं।
दिल्ली की जनता की उन्होंने अभूतपूर्व सेवा की। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना करता हूँ कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।: श्री
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC)Advertisement
बीजेपी के मुताबिक, श्रद्धांजलि के लिए कार्य सूची में पहले उसे लाना अनिवार्य नहीं होता. ऐसे में श्रद्धांजलि आज ही दी जाए, लेकिन ऐसा नहीं होने पर बीजेपी विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और विधानसभा परिसर में स्थित गांधीजी की प्रतिमा के सामने जाकर शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी.
Deeply saddened by the demise of Sheila Dikshit Ji. Blessed with a warm and affable personality, she made a noteworthy contribution to Delhi’s development. Condolences to her family and supporters. Om Shanti.
— Narendra Modi (@narendramodi)
बीजेपी विधायक और शिवराज सरकार में मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा ने भी सदन में शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि ना दिए जाने पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि क्या शीला दीक्षित को इसलिए श्रद्धांजलि नहीं दी जा रही क्योंकि वह गांधी-नेहरू खानदान से नहीं है.