मध्य प्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ मीडिया के सामने आए. उन्होंने अपने 15 महीने के कामकाज का जिक्र किया और अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया. इस दौरान उनका दर्द छलका और उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम लिए बगैर कहा कि हम चाहते थे कि कांग्रेस महल में नहीं बल्कि महल कांग्रेस में आएं, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने 22 विधायकों को बंधक बनाया और ये पूरा देश बोल रहा है. करोड़ों रुपये खर्च कर खेल खेला गया. उन्होंने कहा कि एक महाराज और उनके 22 साथियों के साथ मिलकर साजिश रची गई. सच्चाई थोड़ी समय में सामने आएगी. हमने तीन बार विधानसभा में अपनी बहुमत साबित की. बीजेपी की ओर से जनता के साथ विश्वासघात किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की जा रही है, जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी.
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कमलनाथ ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी थी तो बीजेपी के नेता कहते थे कि ये सरकार 15 दिन की सरकार है. पहले दिन से बीजेपी ने हमारे खिलाफ षडयंत्र शुरू किया. बीजेपी को 15 साल मिले थे. आज तक मुझे केवल 15 महीने मिले. ढाई महीने लोकसभा चुनाव और आचार संहिता में गुजरे. इन 15 महीनों मे राज्य का हर नागरिक गवाह है कि मैंने राज्य के लिए जन हितैषी कार्य किया. लेकिन बीजेपी को ये काम रास नहीं आए और उसने हमारे खिलाफ निरंतर काम किया.
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कमलनाथ ने इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई और कहा कि हमने आम लोगों के लिए काम किया, लेकिन ये बीजेपी को रास नहीं आया. उन्होंने कहा कि हमारे विधायकों को कौन ले गया. किसने पैसा दिया, कौन ले गया. आज के बाद कल भी आता है और कल के बाद परसों भी आता है और परसों भी आएगा.