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मध्य प्रदेश में कंटेनमेंट जोन बनाने पर हो रहा विचार, इस वजह से बढ़ी सरकार की चिंता

मध्य प्रदेश में दीवाली के बाद से कोरोना के मामलों में तेजी आई हैं. हालात यह है कि बीते चार दिनों से मध्य प्रदेश में रोजाना 1700 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं.

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शिवराज सरकार की बढ़ी मुश्किलें (फाइल फोटो)
शिवराज सरकार की बढ़ी मुश्किलें (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामले
  • कोरोना ने बढ़ाई शिवराज सरकार की चिंता
  • कंटेनमेंट जोन बनाने पर हो रहा विचार

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले ने शिवराज सरकार की चिंता बढ़ा दी है. कोरोना मामलों में तेजी को देखते हुए प्रदेश सरकार अब छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बनाने पर विचार कर रही है. हालांकि सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा. गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करुणा समीक्षा बैठक की.

इस दौरान तय किया गया कि मध्यप्रदेश में दोबारा लॉकडाउन नहीं लगेगा. हालांकि यह जरूर कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर जहां संक्रमण ज्यादा है वहां छोटे कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं. 

मध्य प्रदेश में दीवाली के बाद से कोरोना के मामलों में तेजी आई हैं. हालात यह है कि बीते चार दिनों से मध्य प्रदेश में रोजाना 1700 से ज्यादा कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं. कोरोना संक्रमण के मामले में मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाला इंदौर सबसे आगे हैं. 

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गुरुवार को इंदौर में कोरोना के 572 नए मामले सामने आए तो वहीं भोपाल में 332 नए कोरोना केस दर्ज किए गए. इसके अलावा ग्वालियर में 69, रतलाम में 53, जबलपुर में 48 और विदिशा में 34 मरीज पाए गए. मध्यप्रदेश में फिलहाल पॉजिटिव केस का प्रतिशत 4.8 है तो वहीं 1.6% मृत्यु दर है. 

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बता दें कि मध्यप्रदेश में कोरोना के अब तक कुल 1,99,952 मरीज सामने आ चुके हैं जिनमें से 3,209 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है. वहीं मध्य प्रदेश में कुल एक्टिव मामलों की संख्या 14,199 है.

 

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