scorecardresearch
 

मध्य प्रदेश: राज्यपाल ने दिया फ्लोर टेस्ट का फरमान, हरीश रावत बोले- बीजेपी बेचैन, कांग्रेस तैयार

मध्य प्रदेश के सियासी संकट पर हरीश रावत ने कहा है कि हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं और हम इसे जीतने के लिए आश्वस्त हैं.

हरीश रावत (फाइल फोटो) हरीश रावत (फाइल फोटो)

  • मध्य प्रदेश में 16 मार्च को विधानसभा में होगा फ्लोर टेस्ट
  • राज्यपाल ने दिया सीएम को बहुमत साबित करने का निर्देश

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार पर सियासी संकट बना हुआ है. वहीं मध्य प्रदेश के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को बहुमत साबित करने के लिए कहा है. राज्यपाल के इस फरमान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है.

यह भी पढ़ें: कमलनाथ ने अमित शाह को लिखा पत्र, कांग्रेस विधायकों को रिहा कर भोपाल भिजवाएं

मध्य प्रदेश के सियासी संकट पर हरीश रावत ने कहा है, 'हम फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं और हम इसे जीतने के लिए आश्वस्त हैं. हम नहीं, बीजेपी नर्वस है. वे (बागी) विधायक हमारे संपर्क में हैं.' इसके साथ ही हरीश रावत ने सवाल किया कि अगर बीजेपी फ्लोर टेस्ट जीतने के लिए आश्वस्त है तो वो अपने विधायकों को दूसरे शहरों में क्यों भेज रही है.

यह भी पढ़ें: आधी रात कमलनाथ को आया राज्यपाल का निर्देश- अल्पमत में आपकी सरकार, कल साबित करें बहुमत

दरअसल, मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को विधानसभा में बहुमत साबित करने के निर्देश दिए हैं. इसी के साथ राज्य में सियासी सरगर्मी एक बार फिर से बढ़ गई है. लगभग आधी रात को राजभवन से एक पत्र राज्य के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ को भेजा गया.

सदन में बहुमत साबित करें

राजभवन से सीएम को जारी किए गए पत्र के मुताबिक राज्यपाल ने सीएम को कहा कि मध्य प्रदेश की हाल की घटनाओं से उन्हें प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि उनकी सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है और ये सरकार अब अल्पमत में है. राज्यपाल ने कहा है कि ये स्थिति अत्यंत गंभीर है और सीएम कमलनाथ 16 मार्च को सदन में बहुमत साबित करें.

मध्य प्रदेश में ये राजनीतिक हालात ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद पैदा हुए हैं. होली के मौके पर सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उनके समर्थक 22 विधायकों ने भी अपने इस्तीफे दे दिए हैं. सिंधिया बीजेपी में चले गए हैं और विधायकों के इस्तीफे से कांग्रेस की कमलनाथ सरकार अल्पमत में नजर आ रही है. हालांकि, विधायकों के इस्तीफों पर अब तक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. इस बीच सोमवार (16 मार्च) से विधानसभा का सत्र शुरू होना है, जिसके मद्देनजर राज्यपाल ने भी कमलनाथ को पत्र लिखकर बहुमत साबित करने के लिए कह दिया है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें