scorecardresearch
 

मध्य प्रदेश: इस कैलेंडर से कांग्रेस हुई परेशान, प्रतिबंध की मांग

मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार के साल 2018 के शासकीय कैलेंडर के हर पन्ने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फोटो तो है ही, साथ ही उसमें सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी है.

Advertisement
X
शासकीय कैलेंडरों को बैन करने की मांग
शासकीय कैलेंडरों को बैन करने की मांग

आपने अक्सर घर, दफ्तर, स्कूलों या अन्य जगहों पर टंगे हुए कैलेंडरों को देखा होगा. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दीवारों पर टंगने वाला यही कैलेंडर इन दिनों विवादों में है. एमपी की राजधानी भोपाल में एमपी कांग्रेस ने तो कैलेंडरों को बैन करने तक की मांग कर दी है. आपको बता दें कि ये कोई मामूली कैलैंडर नहीं बल्कि ये शासकीय कैलेंडर है, जिसे लेकर इन दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस परेशान है और उसने चुनाव आयोग से मांग की है कि शासकीय कैलेंडरों पर बैन लगाया जाए.

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस बाबत केंद्रीय निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को खत लिख शासकीय कैलेंडरों पर बैन लगाने का आग्रह किया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार के साल 2018 के शासकीय कैलेंडर के हर पन्ने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फोटो तो है ही, साथ ही उसमें सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी है. मानक अग्रवाल के मुताबिक पूरे मध्य प्रदेश में ऐसे करीब डेढ़ लाख कैलैंडर अलग-अलग सरकारी दफ्तरों और घरों में टंगे हुए हैं जो आने वाले चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं.

Advertisement

इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के मुख्य द्वार पर लगाई जा रही टाइल्स पर भी कांग्रेस ने ऐतराज जताया है. मानक के मुताबिक पीएम आवास योजना के तहत घरों में लगाई जा रही टाइल्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीरें लगी हैं और अक्टूबर में संभावित आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए चुनाव से पहले सभी शासकीय कैलेंडर और टाइल्स पर प्रतिबंध लगाया जाए.

इस मांग को बीजेपी ने बताया, 'कांग्रेस की कुंठा'

कांग्रेस द्वारा शासकीय कैलेंडर और पीएम आवास योजना की टाइल्स पर प्रतिबंध की मांग को बीजेपी ने कांग्रेस की कुंठा बताया है. मध्य प्रदेश बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय ने आजतक से कहा कि कांग्रेस पार्टी चार साल से केंद्र में सत्ता से बाहर है और 15 साल से मध्यप्रदेश से बाहर है. जनता के बीच ये कभी गए नहीं, इसलिए सुर्खियों में बने रहने के लिए और प्रचार के लिए कांग्रेस पार्टी हमेशा सत्ता के लिए आश्रित रही हैं और इसलिए कांग्रेस जब सत्ता से बाहर होती है तो उसे कुंठा होती है.

दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार की अपनी कार्यप्रणाली है कि किस तरह से अपनी योजनाओं को जनता तक पहुंचाए उसमें सरकार का नेतृत्व करने वालों की भी भूमिका होती है. इसलिए कांग्रेस को उनसे ईर्ष्या या कुंठा नहीं होनी चाहिए, जहां उनकी सरकार है वहां उनका नेतृत्व उनकी योजनाओं को आगे बढ़ाता है तो इस कुंठा से कांग्रेस उबरे और जनता के बीच जाए.

Advertisement

Advertisement
Advertisement