मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रेलवे ने एक बेहद ही अनोखा और हैरतअंगेज रेस्क्यू ऑपेरशन चलाया. खास बात ये है कि ये रेस्क्यू ऑपरेशन किसी ट्रेन हादसे या इंसान के लिए नहीं, बल्कि एक बेजुबान के लिए चलाया गया.
बता दें कि भोपाल के डीआरएम उदय बोरवणकर के नेतृत्व में रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने करीब 6 घंटे तक ये मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर एक फीमेल डॉग और उसके दो नवजात बच्चों (पपीज) को बचाया.
रेस्क्यू ऑपरेशन
दरअसल, रेलवे अधिकारियों को जानवरों के लिए काम करने वाले एक एनजीओ ने फीमेल डॉग और उसके बच्चों के भोपाल रेलवे स्टेशन के पास रेल की पटरियों के एक स्टॉक के बीचों बीच फंसे हुए होने की जानकारी दी थी. इसके बाद रेलवे की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.

250 पटरियों को हटाया गया
इस दौरान बेहद सावधानी से स्टॉक में पड़ी रेल की भारी भरकम करीब 250 पटरियों को हटाया गया. इस दौरान ज्यादा सावधानी इसलिए बरती गई, क्योंकि एक भी पटरी यदि फीमेल डॉग और उसके बच्चों पर गिरती तो उनकी दबकर मौत हो जाती. रात को करीब 6 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रेलवे की टीम ने पटरियों के बीच से एक फीमेल डॉग और उसके दो बच्चों को बचा लिया.

ट्वीट के जरिए जानकारी
हालांकि, दुखद रूप से दो नवजात बच्चों के शव भी वहां से निकाले गए जो पैदा होने के बाद ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह पाए थे. 6 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के सफल होने की जानकारी खुद भोपाल के डीआरएम उदय बोरवणकर ने ट्वीट के जरिए दी. डीआरएम ने ट्रैक मेंटेनेंस विभाग और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम को लगातार 6 घंटों तक बिना रुके काम करने और बेहद सावधानी से पटरियों को हटाकर बेजुबानों को बचाने का श्रेय दिया और साथ ही उस एनजीओ को भी धन्यवाद किया, जिसने इसकी जानकारी रेलवे को दी थी.