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शिवराज की सस्ती थाली कमलनाथ सरकार में बंद, अंत्योदय रसोई पर लगा ताला

कमलनाथ सरकार में शिवराज सरकार की गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने वाली दीनदयाल अंत्योदय रसोई पर अब ताला लग गया है. राजधानी भोपाल में अप्रैल 2017 से गरीबों को पांच रुपये में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के तहत मिलने वाला खाना अब बंद हो गया है.

बंद अंत्योदय रसोई (फोटोः रवीश पाल सिंह) बंद अंत्योदय रसोई (फोटोः रवीश पाल सिंह)

मध्य प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के बाद कांग्रेस की कमलनाथ सरकार की नजर शिवराज सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर टेढ़ी चल रही है. कमलनाथ सरकार में शिवराज सरकार की गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने वाली दीनदयाल अंत्योदय रसोई पर ताला लग गया है.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अप्रैल 2017 से गरीबों को पांच रुपये में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के तहत मिलने वाला खाना अब बंद हो गया है. 'आजतक' की टीम सोमवार को शहर के सुल्तानिया अस्पताल के सामने दीनदयाल रसोई पहुंची तो वहां ताला लटका मिला. 20 जून से रसोई बंद होने की नोटिस भी चस्पा थी. इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार पर निशाना साधा है, वहीं बैकफुट पर आई सरकार अब योजना की समीक्षा की बात कर रही है.

आजतक की टीम जब भोपाल के सुल्तानिया अस्पताल के सामने बने दीनदयाल अंत्योदय रसोई घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला. 20 जून से रसोई बंद होने की नोटिस भी चस्पा थी. 5 रुपये में पेट भरने की आस लिए रसोई पहुंच रहे गरीब और मजदूर तबके के लोगों को निराशा हाथ लग रही है. करोंद इलाके के सत्य नारायण ने कहा कि वह रोजाना यहीं 5 रुपये में मिलने वाला सस्ता खाना खाते थे, लेकिन 20 तारीख के बाद से अब खाने के लिए वो दूसरों पर निर्भर हैं.

भोजन के लिए दीनदयाल अंत्योदय रसोई पर निर्भर रहने वाले सत्य नारायण अकेले नहीं. शहर में रहकर मेहनत-मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहे कई लोग भोजन के लिए रसोई पर निर्भर थे. मजदूरी करने वाले मुन्ना सिंह रोते हुए बताते हैं कि रोज इतनी कमाई नहीं होती कि बाहर खाना खा सकें. इसीलिए यहां 5 रुपये में आकर खाना खाते थे और अब जब यहां सस्ता खाना नहीं मिल रहा तो समोसे और पकौड़ी आदि खा कर जैसे-तैसे पेट भर रहे हैं.

सरकार पर बरसे शिवराज

अपनी महत्वाकांक्षी योजना बंद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कमलनाथ सरकार पर जमकर बरसे. शिवराज ने कमलनाथ सरकार पर गरीबों का निवाला छिनने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है. हमारी हर अच्छी योजना पर कैंची चलाई जा रही है. दीनदयाल रसोई योजना हमने इसलिए शुरू की थी कि गरीब आदमी, मजदूरी करने वाला काम की तलाश में शहर आता है. अब वह जितनी कमाई करता है अगर वह होटल में भोजन के लिए दे दे, तो बच्चों का पेट कैसे पालेगा. चौहान ने कहा कि गरीब के पेट पर लात मार कर इस सरकार को मिलेगा क्या?

नए तरीके से शुरू होगी योजना- खाद्य मंत्री

कमलनाथ सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर तर्क दे रहे हैं कि वह इस योजना को और बेहतर तरीके से संचालित करेंगे, ताकि गरीबों को भरपूर भोजन मिल सके. तोमर ने कहा कि अब दीनदयाल योजना को हम व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करना चाहते हैं. उन्होंने जनहित की योजनाएं बंद करने के आरोपों को खारिज करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून कौन लाया? कांग्रेस लाई 2013 में. प्रदेश में कोई गरीब भूखे पेट न सोए, हम इसके लिए कार्ययोजना बना रहे हैं. तोमर ने कहा कि अंत्योदय योजना की अभी समीक्षा की जा रही है. आम आदमी के भोजन की व्यवस्था सरकार करेगी.

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