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BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय के नाम के साथ अब जुड़ा सरकारी बंगले का विवाद

यह मामला तब सामने आया जब शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इस साल मार्च में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद सज्जन सिंह वर्मा को बंगला खाली करने का नोटिस दिया.

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बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय

  • बंगला आशा फाउंडेशन के नाम ट्रांसफर कर दिया
  • कैलाश विजयवर्गीय को जून 2008 में अलॉट हुआ था

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का नाम एक बंगले से जुड़े विवाद में लिया जा रहा है. कहा जा रहा है कि 2008 में PWD मंत्री होने के नाते उन्हें जो बंगला अलॉट हुआ था, उसे उन्होंने बाद में पत्नी के नाम ट्रांसफर कर दिया और उसका बीते दस साल से किराया भी नहीं भरा. इंदौर के पलासिया इलाके में बंगला नंबर 3 कैलाश विजयवर्गीय को जून 2008 में अलॉट हुआ था. उन्होंने ये बंगला आशा फाउंडेशन के नाम ट्रांसफर कर दिया, जिसकी संचालक उनकी पत्नी आशा विजयवर्गीय हैं.

बंगला नंबर 2 और 3 PWD पूल में हैं और उन्हें इस विभाग के मंत्री को अलॉट किया जा सकता है. बंगला नंबर-2 को इंदौर के एक अन्य राजनेता सज्जन सिंह वर्मा को अलॉट किया गया था, जब उन्हें पिछली कमलनाथ सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था.

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यह मामला तब सामने आया जब शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इस साल मार्च में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद सज्जन सिंह वर्मा को बंगला खाली करने का नोटिस दिया.

समझा जाता है कि वर्मा ने परिवार में स्वास्थ्य मुद्दों और कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही लड़ाई के कारण बंगला खाली करने में असमर्थता व्यक्त की. लेकिन जब सरकार ने बंगला खाली करने पर जोर दिया तो वर्मा ने बंगला नंबर 3 का मुद्दा उठाया जो कैलाश विजयवर्गीय को आवंटित किया गया था? वर्मा ने सवाल किया कि वो बंगला क्यों नहीं खाली कराया गया.

PWD के एग्जिक्यूटिव इंजीनियर राजेंद्र कुमार जोशी ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि आशा फाउंडेशन के नाम पर बंगला कैसे ट्रांसफर किया गया?

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जोशी ने कहा, “बंगले को 2008 में आशा फाउंडेशन को आवंटित किया गया था और नवंबर 2014 तक मासिक किराया 1,100 रुपये था, जिसे बाद में बढ़ाकर 6,000 रुपये मासिक कर दिया गया. लेकिन फाउंडेशन ने 2010 से किराया नहीं दिया है और लगभग चार लाख रुपए बकाया है. सरकार जिसके लिए कई नोटिस दे चुकी है.”

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कैलाश विजयवर्गीय ने इंडिया टुडे से फोन पर बात करते हुए विवाद के बारे में अनभिज्ञता व्यक्त की और कहा, "मुझे किसी भी बंगले के बारे में कोई आइडिया नहीं है.”

विपक्षी पार्टी कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि प्रशासन बीजेपी नेताओं के सामने पूरी तरह से दब गया है. कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, "बंगला तब कैलाश विजयवर्गीय को आवंटित किया गया था जब वह पीडब्ल्यूडी मंत्री थे. जब वो मंत्री नहीं रहे तो उन्होंने इसे पत्नी के नाम पर ट्रांसफर कराया. मामूली किराया होने के बावजूद पिछले दस साल से किराया भी नहीं भरा."

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