मध्य प्रदेश के गुना में जिला प्रशासन ने गब्बू परधी को नोटिस थमाया है. परधी पर उस किसान की जमीन हथियाने का आरोप है जिसने कुछ दिन पहले अपनी पत्नी के साथ खुदकुशी करने की कोशिश की थी. परधी पर आरोप है कि उसने जमीन पर कब्जा कर लिया और किसान दंपति को बटाई पर खेती करने के लिए दिया. जिला प्रशासन ने नोटिस में पूछा है कि क्यों उसे कथित आपराधिक रिकॉर्ड के लिए वहां से बाहर नहीं किया जाना चाहिए.
'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिला कलेक्टर ने परधी से 20 जुलाई तक जवाब मांगा है. कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने नोटिस के साथ 16 आपराधिक मामलों के रिकॉर्ड भी जोड़े हैं जो 1993 से 2019 के बीच किए गए. इसमें हत्या और डकैती के प्रयास भी शामिल हैं. परधी पूर्व में बीएसपी का पार्षद रह चुका है. परधी के खिलाफ पिछले साल 14 दिसंबर को एक मामला सामने आया था, जिसमें उसने अपने घरवालों के साथ रेवेन्यू टीम की कार्रवाई का विरोध किया था. रेवेन्यू टीम जगनपुर चक में एक जमीन को अपने कब्जे में लेने आई थी क्योंकि सरकार ने इस जमीन को मॉडल कॉलेज के लिए आवंटित किया था.
बता दें, इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना के प्रकाश में आने के बाद गुना के कलेक्टर और एसपी के तत्काल ट्रांसफर करने के आदेश जारी किए थे. सरकार ने गुना में मॉडल कॉलेज बनाने के लिए करीब 20 बीघा जमीन जगनपुर क्षेत्र में आवंटित की थी. इस जमीन पर कई साल से परधी का अतिक्रमण था, जिसे कुछ समय पहले राजस्व और पुलिस की टीम ने मिलकर हटवा दिया था. अतिक्रमण हटाने के बाद भी कॉलेज नहीं बना तो राजकुमार अहिरवार नाम के किसान ने खेती शुरू कर दी. बाद में स्थानीय प्रशासन ने अहीरवार की फसल पर जेसीबी चलवा दी. इससे आहत किसान दंपति ने जहर खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की.