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मध्यप्रदेश: बाहर से आने वाले सभी रेल यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग के आदेश

जिला कलेक्टरों को लिखे पत्र में कहा गया है कि अगर कोई संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति क्वारनटीन सेंटर में नहीं रहना चाहता तो उसे खुद के खर्चे पर शासन द्वारा चिन्हित किसी होटल में 14 दिन के लिए क्वारनटीन रहना होगा.

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कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए थर्मल स्क्रीनिंग का फैसला (फाइल फोटो-PTI)
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए थर्मल स्क्रीनिंग का फैसला (फाइल फोटो-PTI)

  • कोरोना के लक्षण पाए जाने पर 14 दिन का क्वारनटीन
  • बिना लक्षण वाले लोगों के लिए होम आइसोलेशन

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को लिखा है कि 'ट्रेन सेवा शुरू हो जाने के कारण अन्य राज्यों से लोगों के मध्यप्रदेश आने की संभावना है. कोविड संक्रमण के बचाव और रोकथाम के लिए संक्रमित रेल यात्रियों को क्वारनटीन किया जाना आवश्यक है. इसी कारण से सभी जिला कलेक्टरों को आदेश दिया जाता है कि सभी रेल यात्रियों के आगमन पर स्टेशन में उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करवाई जाए और इस दौरान संक्रमण के लक्षण वाले यात्री को 14 दिन के लिए क्वारनटीन सेंटर भेजा जाए.'

जिला कलेक्टरों को लिखे पत्र में कहा गया है कि 'अगर कोई संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति क्वारनटीन सेंटर में नहीं रहना चाहता तो उसे खुद के खर्चे पर शासन द्वारा चिन्हित किसी होटल में 14 दिन के लिए क्वारनटीन रहना होगा'. 14 दिन की क्वारनटीन अवधि समाप्त होने पर कोविड टेस्ट के लिए इनके सैंपल लिए जाएं और रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही इन्हें घर जाने की अनुमति दी जाए.

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कलेक्टरों को भेजे पत्र में स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट लिखा है कि केवल उन्हीं को 14 दिन के लिए क्वारनटीन सेंटर में भेजा जाए जिनमें कोरोना के लक्षण पाए जाएं. ऐसे यात्री जिनमें लक्षण ना हों उन्हें होम आइसोलेशन की सलाह देकर घर जाने दिया जाए. आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में अबतक कोरोना के कुल 3986 मामले सामने आ चुके हैं और 225 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो चुकी है.

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