मध्य प्रदेश के कई शहरों में सभी मंदिर करीब 2 महीने तक बंद रहे. हालांकि 8 जून से एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खोल दिए गए हैं. संक्रमण से रोकथाम के लिए मंदिरों में अब घंटी बजाने पर रोक लगा दी गई है. तर्क दिया गया कि घंटी बजाने से संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जा सकता है. जिसके बाद मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक शख्स ने इसका उपाय निकाला है. इस शख्स ने एक ऐसा सेंसर बनाया है, जिससे घंटी के नीचे हाथ रखने से ही ये बजने लगती है. यानी इसे छूने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
इस ऑटोमेटिक सेंसर मशीन को मंदसौर के नाहरू खान ने खुद तैयार किया है. नाहरू खान ने यह मशीन मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर को दान दी है. यानी अब श्रद्धालु घंटी, बिना छुए ही बजा सकेंगे. उन्हें सिर्फ घंटी के बगल में लगे सेंसर के नीचे दूर से हाथ रखना होगा और घंटी अपने आप बजने लगेगी.
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श्रद्धालुओं में इस बात की खुशी है कि घंटी बजाने से इंफेक्शन का जो डर था वो भी अब दूर हो गया है. वहीं मंदिर में घंटी बजाने पर लगी रोक भी अब खत्म हो गई है. मंदिर के पुजारी कहते हैं कि दर्शन के समय घंटी के माध्यम से भक्त भगवान से अपनी याचना कर सकते हैं. लेकिन कोरोना के कारण घंटी छूने से संक्रमण फैल सकता है इसलिए इसे हटा दिया गया था. हालांकि नाहरू भाई ने सेंसर बनाकर हमें दान दिया है, जिससे घंटी अब बिना छुए बजने लगी है.
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वहीं सेंसर वाली घंटी लगाने वाले नाहरू खान ने बताया कि मस्जिद में अजान होती है तो आवाज आती है लेकिन इन दिनों मंदिरों से घंटी की आवाज नहीं आ रही थी. ऐसे में अच्छा नहीं लग रहा था, इसलिए एक सेंसर लगा कर घंटी को बजाने का प्रयोग किया है. जिसमें सेंसर के सामने हाथ रखने से घंटी बजने लगती है. अब श्रद्धालुओं को घंटी छूने की भी जरूरत नहीं है.