मध्यप्रदेश विधानसभा के 28 दिसंबर से शुरू होने जा रहे सत्र से पहले भोपाल कलेक्टर के एक आदेश ने सूबे की सियासत को गरमा दिया है. शुक्रवार शाम भोपाल कलेक्टर ने एक आदेश निकाला है.
आदेश में लिखा है कि 28 दिसंबर से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के 5 किलोमीटर दायरे तक भारी वाहन जैसे-ट्रक, ट्रैक्टर, ट्रॉली, डंपर और धीमी गति से चलने वाला टांगा, बैलगाड़ी पर प्रतिबंध रहेगा. आदेश के मुताबिक यह प्रतिबंध 30 दिसंबर तक जारी रहेगा. आपको बता दें कि विधानसभा सत्र भी 28 से लेकर 30 दिसंबर तक ही चलेगा.
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भोपाल कलेक्टर के इस आदेश पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और इसे किसान विरोधी कदम बताया है. कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 'शिवराज सरकार द्वारा विधानसभा सत्र से पहले शहर में ट्रेक्टर, ट्रॉली और बैलगाड़ी पर प्रतिबंध लगाना, किसान विरोधी मानसिकता दर्शाता है. सरकार के ऐसे तुग़लक़ी फ़रमान कांग्रेस को किसानों की आवाज बनने से कभी नहीं रोक पायेंगे. 28 दिसंबर को सभी विधायक ट्रेक्टर से ही विधानसभा जायेंगे.''
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के इस ट्वीट को आप यहां भी पढ़ सकते हैं. जिसमें इस आदेश की प्रति भी ट्वीट की गई है.
शिवराज सरकार द्वारा विधानसभा सत्र से पहले शहर में ट्रेक्टर, ट्रॉली और बैलगाड़ी पर प्रतिबंध लगाना किसान विरोधी मानसिकता दर्शाता है।
— Jitu Patwari (@jitupatwari)
सरकार के ऐसे तुग़लक़ी फ़रमान कांग्रेस को किसानों की आवाज बनने से कभी नहीं रोक पायेंगे।
28 दिसंबर को सभी विधायक ट्रेक्टर से ही विधानसभा जायेंगे।
आपको बता दें कि कांग्रेस पहले ही ऐलान कर चुकी है कि 28 दिसंबर को शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र के पहले दिन सभी कांग्रेस विधायक और कार्यकर्ता ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर सवार होकर विधानसभा जाएंगे.
इसके अलावा कांग्रेस अपनी ताकत दिखाने के लिए कई किसान संगठनों से बात कर, किसानों को भी भोपाल लाकर प्रदर्शन कराने की तैयारी में है. लेकिन विधानसभा परिसर के आसपास ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैल गाड़ियों पर प्रतिबंध के साथ सरकार ने भी साफ कर दिया है कि यदि कांग्रेस नेता भीड़ के साथ विधानसभा घेराव की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.