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MP: विधायक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता को लेकर राज्यपाल से मिले बीजेपी नेता

बीजेपी प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और खुद प्रह्लाद लोधी मौजूद थे.

बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

  • प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता को लेकर राजनीति जारी
  • राज्यपाल लालजी टंडन से मिले कई बीजेपी नेता, सौंपा ज्ञापन

पवई से बीजेपी विधायक रहे प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता को लेकर राजनीति जारी है. हाई कोर्ट से सजा पर मिले स्टे के बाद बीजेपी प्रह्लाद लोधी की सदस्यता बहाल करने की मांग कर रही है. इसी मांग के साथ बुधवार को बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा.

बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल में कौन था शामिल?

बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और खुद प्रह्लाद लोधी मौजूद थे.

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राज्यपाल से मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि हाई कोर्ट से सजा पर रोक के एक हफ्ते बाद भी विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की ओर से बहाली को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है.

सरकार षड्यंत्र रच रही- शिवराज सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पक्षपात कर रहे हैं. ये सरकार का षड्यंत्र है कि प्रह्लाद लोधी विधानसभा की कार्यवाही में भाग ना ले पाएं. हमने राज्यपाल जी को आज ज्ञापन दिया है क्योंकि स्पीकर महोदय ने असंवैधानिक काम किया है.

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने आरोप लगाया कि वो लगातार विधानसभा अध्यक्ष से मिलने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनसे मिलकर लोधी की सदस्यता के बारे में बात की जा सके लेकिन स्पीकर उन्हें समय नहीं दे पा रहे हैं.

दरअसल, तहसीलदार से पिटाई के एक पुराने मामले में प्रहलाद लोधी को जनप्रतिनिधियों के लिए भोपाल में बनी स्पेशल कोर्ट ने दोषी मानते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी. हालांकि लोधी को जमानत मिल गयी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के तहत मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर एनपी प्रजापति ने सदन में एक पद रिक्त होने की सूचना चुनाव आयोग को भेज दी थी और विधानसभा से प्रहलाद लोधी की सदस्यता रद्द हो गई थी.

प्रह्लाद लोधी ने विशेष कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट में लोधी को राहत देते हुए सजा पर 7 जनवरी 2020 तक लिए रोक लगा दी है.

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