झारखंड के जमशेदपुर में एक उद्योगपति के बेटे के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है, जिससे कारोबारी जगत और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है. बिष्टुपुर निवासी उद्योगपति देवांग गांधी के 24 वर्षीय बेटे कैरव गांधी बीते 24 घंटे से लापता हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है. इस बीच युवक की कार पड़ोसी जिले सरायकेला-खरसावां में लावारिस हालत में मिलने से रहस्य और गहरा गया है.
पुलिस के अनुसार, कैरव गांधी मंगलवार दोपहर घर से अपनी कंपनी के कार्यालय जाने के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटे. परिजनों द्वारा संपर्क न हो पाने पर चिंता जताई गई और बिष्टुपुर थाना में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. पुलिस ने तत्काल जांच शुरू करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल तेज कर दी है.
डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि कैरव गांधी की तलाश के लिए सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है. हालांकि, अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है. जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कैरव जिस कार से निकले थे, वह राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर चांडिल थाना क्षेत्र के कांडरबेड़ा इलाके में लावारिस हालत में खड़ी मिली है.
कैरव गांधी के पिता देवांग गांधी जमशेदपुर के जाने-माने उद्योगपति हैं. वह आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ASIA) के उपाध्यक्ष हैं और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में ऑटो पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं. बेटे के लापता होने की खबर के बाद शहर के कारोबारी संगठनों में भी हलचल देखी जा रही है. सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने गांधी परिवार से मुलाकात कर पुलिस से खोज अभियान में तेजी लाने की मांग की है.
वहीं, ASIA के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने कैरव की सुरक्षित वापसी की चिंता जताते हुए अपहरण की आशंका से इनकार नहीं किया है. उन्होंने कहा कि कैरव हाल ही में मुंबई से पढ़ाई पूरी कर घर लौटे थे और परिवार के साथ व्यवसाय से जुड़ने लगे थे. फिलहाल पुलिस युवक की तलाश में जुटी है और परिजन किसी अनहोनी की आशंका से बेहद परेशान हैं.